फतेहपुर, उत्तर प्रदेश: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के कड़े रुख के बाद फतेहपुर जिला प्रशासन ने नगर क्षेत्र के तालाबों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में गठित नौ सदस्यीय जांच समिति ने हाल ही में विभिन्न गाटा संख्याओं का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें बड़े पैमाने पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई है। जांच के दौरान कई तालाबों पर अतिक्रमण पाया गया। गाटा संख्या 2575 में 14 बीघा तालाब में से केवल 9 बीघा सुरक्षित मिला, शेष पर अवैध कब्जा है। इसी तरह, गाटा संख्या 2520 के 9 बीघा तालाब में से मात्र 5 बीघा जलमग्न पाया गया। गाटा संख्या 1708 और 1677 के लगभग 19 बीघा के बड़े तालाब क्षेत्र में भी अवैध कब्जे की पुष्टि हुई है। गाटा संख्या 2547 में तालाब को पाटकर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। इस जांच में तहसीलदार अमरीश कुमार, राजस्व टीम के सदस्य और ‘युवा विकास समिति’ व ‘बुंदेलखंड समिति’ जैसे सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। समिति जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर अवैध निर्माणों को गिराने और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार ने बताया कि तालाबों पर कब्जा करने वाले लोगों की पहचान की जा रही है।


