उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम पलटा है। तापमान में बढ़ोतरी के चलते कोहरा नहीं पड़ रहा है। ठंड से भी लोगों को कुछ राहत मिली है। मौसम विभाग ने 22 से 26 जनवरी तक बारिश का अनुमान जताया है। लगातार दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभों के असर से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की शुरुआत होगी, जो आगे चलकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगी। इस दौरान बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और हवा की दिशा में भी बदलाव होगा। पूर्वा हवाएं पछुआ में बदलने से नमी बढ़ेगी, जिससे बारिश की परिस्थितियां बनी रहेंगी। तापमान की बात करें तो बुलंदशहर 6°C के साथ सबसे ठंडा रहा। रविवार देर रात से सोमवार तक लखनऊ, बाराबंकी, हाथरस समेत 5 शहरों में बारिश हुई थी। अलीगढ़ और लखीमपुर में ओले गिरे थे। तेज हवा के साथ बूंदाबांदी भी हुई। अचानक छोटे-छोटे पत्थर जैसे ओले गिरने से अफरा-तफरी मच गई। लोग ओलों को कटोरों में भरते दिखाई दिए। अचानक मौसम में आए बदलाव से किसानों की मुसीबत बढ़ गई। बारिश के साथ तेज हवाओं की वजह से फसलों पर सकंट मंडराने लगा है। सरसों की फसलें गिर गई हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश गेहूं, मसूर और चना के लिए फायदेमंद है। सरसों और आलू की फसल को इससे नुकसान होगा। लखनऊ में बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में औसतन 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान भी 2 से 4 डिग्री बढ़ा है। तस्वीरें देखिए- मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- आगामी दिनों में बारिश के साथ तापमान में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि फिलहाल तापमान में बढ़ोतरी के कारण कड़ाके की ठंड से राहत बनी रहेगी। मौसम विभाग ने किसानों और आम जनता को आने वाले दिनों में बारिश और मौसम परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। यूपी में आज से 5 दिन बारिश का अलर्ट


