क्यों BSSC अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा?:2023 में भर्ती निकली आज तक फॉर्म ही भरा रहा, 33 लाख युवाओं को पता नहीं कब होगी परीक्षा

क्यों BSSC अध्यक्ष ने दिया इस्तीफा?:2023 में भर्ती निकली आज तक फॉर्म ही भरा रहा, 33 लाख युवाओं को पता नहीं कब होगी परीक्षा

BSSC ने 2023 में द्वितीय इंटर स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहाली निकाली। 2026 में भी इसके लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं। 33 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, लेकिन परीक्षा कब होगी, पता नहीं। यही नहीं, 3 और बड़ी भर्ती के लिए परीक्षा नहीं ली जा सकी है। फॉर्म भरने के बाद अभ्यर्थियों को पासवर्ड से लेकर रिसिविंग तक, कई तरह की परेशानी हो रही। वे दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। इस बीच BSSC अध्यक्ष आलोक राज ने इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार DGP नहीं बनाए जाने के चलते वह नाराज चल रहे थे। राम शंकर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। आखिर BSSC पर क्यों सवाल उठ रहे हैं? द्वितीय इंटर स्तरीय बहाली 2023 की क्या स्थिति है? आलोक राज ने क्यों अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया? अभ्यर्थियों का क्या कहना है? जानिए दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में… सबसे पहले जानिए, क्यों आलोक राज ने छोड़ा पद? 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज को 31 दिसंबर 2025 को BSSC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 1 जनवरी 2026 को उन्होंने पद संभाला, लेकिन 6 जनवरी को निजी कारण का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के लिए किसी प्रशासनिक या राजनीतिक कारण को जिम्मेदार नहीं बताया। सूत्रों के अनुसार, उनके इस्तीफे के पीछे पूर्णकालिक DGP नहीं बनाए जाने को लेकर नाराजगी हो सकती है। वह अपने लिए बड़ा पद चाहते थे, लेकिन सरकार ने उम्मीदें पूरी नहीं की। 2024 में आलोक राज को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक बनाया गया था। कुछ समय बाद यह पद IPS अधिकारी विनय कुमार को मिला। आलोक राज को बिहार पुलिस भवन निर्माण विभाग निगम का महानिदेशक (DG) बनाया गया था। इस मामले से जुड़े जानकारों के अनुसार आलोक राज नाराज थे। वह उसी समय पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन सेवा काल करीब एक साल बचा होने के चलते ऐसा नहीं किया। रिटायरमेंट के बाद सरकार ने उन्हें BSSC अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी, जिससे स्वीकार नहीं करते हुए इस्तीफा दे दिया। BSSC के कार्यकारी अध्यक्ष रहते हुए आलोक राज ने क्या किया? आलोक राज 31 दिसंबर 2024 से BSSC के कार्यकारी अध्यक्ष थे। सीजीएल-4 की वैकेंसी 2025 में निकली थी। उसे आलोक मुकाम तक नहीं पहुंचा पाए। आलोक के कार्यकारी अध्यक्ष रहते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में ऑफिस अटेंडेंट पद के लिए 11 मई 2025 को परीक्षा ली गई। पीटी का रिजल्ट तो आ गया, लेकिन मुख्य परीक्षा पेंडिंग है। फिल्ड असिस्टेंट की पीटी परीक्षा 10 अगस्त, 2025 को ली गई। इसका रिजल्ट भी पेंडिंग है। BSSC की कौन सी परीक्षाएं पेंडिंग हैं? द्वितीय इंटर स्तरीय की वैकेंसी से जुड़ा विज्ञापन सितंबर 2023 में आया, लेकिन परीक्षा अब तक नहीं ली गई। स्थिति यह है कि वैकेंसी 14 हजार पदों के लिए निकाली गई थी। अब यह बढ़कर 24 हजार 492 तक पहुंच चुकी है। फॉर्म भरने की तिथि को 13 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 किया गया है। परीक्षा शुल्क 29 जनवरी 2026 तक जमा लिया जाएगा। क्या कहते हैं अभ्यर्थी? 2023 में द्वितीय इंटर स्तरीय वैकेंसी निकली थी। 2026 में भी इसके लिए आवेदन भरा जा रहा है। दो साल की देर हो गई। हमारी उम्र बढ़ रही है। प्रक्रिया बीच में रोक दी गई थी। अब फिर फॉर्म भरा जा रहा है। पासवर्ड नहीं मिल रहा है, पता नहीं सर्वर डाउन है या क्या कारण है।- मुन्ना कुमार, पटना निवासी मैंने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन रिसिविंग नहीं निकला। एक साल से दिक्कत ही दिक्कत है। कहा गया कि चेक करके बताते हैं। 2023 में भर्ती निकली, 2026 हो गया है। अब तक एग्जाम का ठिकाना नहीं है। अब तो मन कर रहा है कि छोड़ दें। उम्मीद टूटने लगी है। दो दिन से आयोग का चक्कर लगा रहा हूं।- आशीष, भागलपुर निवासी मैंने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन पासवर्ड नहीं मिला है। 17-18 दिन से परेशान हूं। फॉर्म भरने के बाद दिक्कत हो रही है। कल आकर आवेदन दिया तो आज बुलाया। आया हूं तो मैडम ने कहा कि सर नहीं आए हैं। अब फिर से दूसरे दिन आना पड़ेगा। बहुत ज्यादा परेशानी है।- उत्तम राज, बिहटा निवासी 2016 में अध्यक्ष और सचिव को जाना पड़ा था जेल बिहार कर्मचारी चयन आयोग में 2016 में प्रथम इंटर स्तरीय परीक्षा हुई थी, लेकिन पेपर लीक के चलते परीक्षा तो रद्द हुई ही, तत्कालीन अध्यक्ष सुधीर कुमार (IAS) और सचिव परमेश्वर राम दोनों को जेल जाना पड़ा। इन दोनों की संलिप्तता पेपर लीक में पाई गई थी। उस बहाली में 25-30 तरह के पद थे, जिसमें राजस्व कर्मचारी, पंचायत सचिव आदि के पद भी थे। 2022 में CGL थ्री की एक शिफ्ट की परीक्षा हुई थी रद्द सीजीएल (संयुक्त स्नातक स्तरीय) थ्री की परीक्षा आयोग ने 2022 में ली थी। उस समय तीन शिफ्ट में ली गई परीक्षा में से एक शिफ्ट की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। उस समय भास्कर डिजिटल ने खबर ब्रेक की थी कि प्रश्न पत्र लीक हो गया है। BSSC की ट्रांसपेरेंसी पर क्यों उठ रहे सवाल? SSC काजल की कोठरी, मुख्यमंत्री जांच कराएं- छात्र नेता छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, ‘BSSC की परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक, सेटिंग के आरोप लगते रहे हैं। कई बार आरोप सिद्ध भी हुए हैं। लगता है BSSC काजल की कोठरी है, जहां ईमानदार अफसर नहीं टिक पाते। पहले यहां के अध्यक्ष और सचिव पेपर लीक मामले में जेल जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘2022 में बीपीएससी पेपर लीक मामले में आंदोलन के बाद वहां के परीक्षा नियंत्रक को हटाया तो गया, लेकिन बाद में अमरेन्द्र कुमार को BPSC से हटाकर BSSC का मेंबर बना दिया गया। मुख्यमंत्री को इसकी जांच करानी चाहिए।’ कोई भी प्रतियोगिता परीक्षा सफलता से नहीं ले पा रहा BSSC- गुरु रहमान, शिक्षक सालों से छात्र-छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराने वाले शिक्षक गुरु रहमान से भास्कर ने बात की। कहा, ‘BSSC लंबे समय से संदेह के घेरे में रहा है। इससे जुड़ी कोई न कोई त्रुटि आती रही है। 2016 में इसके प्रथम इंटर स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न पत्र सात दिन पहले ही लीक हो गए थे। सचिव, अध्यक्ष को जेल जाना पड़ा था।’ उन्होंने कहा, ‘मेरे दृष्टिकोण से BSSC किसी भी परीक्षा को ठीक से संचालित करने में सफल नहीं है। इसलिए BSSC से परीक्षा लेने का अधिकार लेकर अन्य आयोग को दे दिया जाए। ताकि लाखों बिहार के युवाओं को भविष्य की रक्षा हो सके।’ BSSC ने 2023 में द्वितीय इंटर स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के लिए बहाली निकाली। 2026 में भी इसके लिए फॉर्म भरे जा रहे हैं। 33 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, लेकिन परीक्षा कब होगी, पता नहीं। यही नहीं, 3 और बड़ी भर्ती के लिए परीक्षा नहीं ली जा सकी है। फॉर्म भरने के बाद अभ्यर्थियों को पासवर्ड से लेकर रिसिविंग तक, कई तरह की परेशानी हो रही। वे दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं। इस बीच BSSC अध्यक्ष आलोक राज ने इस्तीफा दे दिया। सूत्रों के अनुसार DGP नहीं बनाए जाने के चलते वह नाराज चल रहे थे। राम शंकर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। आखिर BSSC पर क्यों सवाल उठ रहे हैं? द्वितीय इंटर स्तरीय बहाली 2023 की क्या स्थिति है? आलोक राज ने क्यों अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया? अभ्यर्थियों का क्या कहना है? जानिए दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में… सबसे पहले जानिए, क्यों आलोक राज ने छोड़ा पद? 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी आलोक राज को 31 दिसंबर 2025 को BSSC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 1 जनवरी 2026 को उन्होंने पद संभाला, लेकिन 6 जनवरी को निजी कारण का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के लिए किसी प्रशासनिक या राजनीतिक कारण को जिम्मेदार नहीं बताया। सूत्रों के अनुसार, उनके इस्तीफे के पीछे पूर्णकालिक DGP नहीं बनाए जाने को लेकर नाराजगी हो सकती है। वह अपने लिए बड़ा पद चाहते थे, लेकिन सरकार ने उम्मीदें पूरी नहीं की। 2024 में आलोक राज को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक बनाया गया था। कुछ समय बाद यह पद IPS अधिकारी विनय कुमार को मिला। आलोक राज को बिहार पुलिस भवन निर्माण विभाग निगम का महानिदेशक (DG) बनाया गया था। इस मामले से जुड़े जानकारों के अनुसार आलोक राज नाराज थे। वह उसी समय पद छोड़ना चाहते थे, लेकिन सेवा काल करीब एक साल बचा होने के चलते ऐसा नहीं किया। रिटायरमेंट के बाद सरकार ने उन्हें BSSC अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी, जिससे स्वीकार नहीं करते हुए इस्तीफा दे दिया। BSSC के कार्यकारी अध्यक्ष रहते हुए आलोक राज ने क्या किया? आलोक राज 31 दिसंबर 2024 से BSSC के कार्यकारी अध्यक्ष थे। सीजीएल-4 की वैकेंसी 2025 में निकली थी। उसे आलोक मुकाम तक नहीं पहुंचा पाए। आलोक के कार्यकारी अध्यक्ष रहते हुए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग में ऑफिस अटेंडेंट पद के लिए 11 मई 2025 को परीक्षा ली गई। पीटी का रिजल्ट तो आ गया, लेकिन मुख्य परीक्षा पेंडिंग है। फिल्ड असिस्टेंट की पीटी परीक्षा 10 अगस्त, 2025 को ली गई। इसका रिजल्ट भी पेंडिंग है। BSSC की कौन सी परीक्षाएं पेंडिंग हैं? द्वितीय इंटर स्तरीय की वैकेंसी से जुड़ा विज्ञापन सितंबर 2023 में आया, लेकिन परीक्षा अब तक नहीं ली गई। स्थिति यह है कि वैकेंसी 14 हजार पदों के लिए निकाली गई थी। अब यह बढ़कर 24 हजार 492 तक पहुंच चुकी है। फॉर्म भरने की तिथि को 13 जनवरी 2026 से बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 किया गया है। परीक्षा शुल्क 29 जनवरी 2026 तक जमा लिया जाएगा। क्या कहते हैं अभ्यर्थी? 2023 में द्वितीय इंटर स्तरीय वैकेंसी निकली थी। 2026 में भी इसके लिए आवेदन भरा जा रहा है। दो साल की देर हो गई। हमारी उम्र बढ़ रही है। प्रक्रिया बीच में रोक दी गई थी। अब फिर फॉर्म भरा जा रहा है। पासवर्ड नहीं मिल रहा है, पता नहीं सर्वर डाउन है या क्या कारण है।- मुन्ना कुमार, पटना निवासी मैंने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन रिसिविंग नहीं निकला। एक साल से दिक्कत ही दिक्कत है। कहा गया कि चेक करके बताते हैं। 2023 में भर्ती निकली, 2026 हो गया है। अब तक एग्जाम का ठिकाना नहीं है। अब तो मन कर रहा है कि छोड़ दें। उम्मीद टूटने लगी है। दो दिन से आयोग का चक्कर लगा रहा हूं।- आशीष, भागलपुर निवासी मैंने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन पासवर्ड नहीं मिला है। 17-18 दिन से परेशान हूं। फॉर्म भरने के बाद दिक्कत हो रही है। कल आकर आवेदन दिया तो आज बुलाया। आया हूं तो मैडम ने कहा कि सर नहीं आए हैं। अब फिर से दूसरे दिन आना पड़ेगा। बहुत ज्यादा परेशानी है।- उत्तम राज, बिहटा निवासी 2016 में अध्यक्ष और सचिव को जाना पड़ा था जेल बिहार कर्मचारी चयन आयोग में 2016 में प्रथम इंटर स्तरीय परीक्षा हुई थी, लेकिन पेपर लीक के चलते परीक्षा तो रद्द हुई ही, तत्कालीन अध्यक्ष सुधीर कुमार (IAS) और सचिव परमेश्वर राम दोनों को जेल जाना पड़ा। इन दोनों की संलिप्तता पेपर लीक में पाई गई थी। उस बहाली में 25-30 तरह के पद थे, जिसमें राजस्व कर्मचारी, पंचायत सचिव आदि के पद भी थे। 2022 में CGL थ्री की एक शिफ्ट की परीक्षा हुई थी रद्द सीजीएल (संयुक्त स्नातक स्तरीय) थ्री की परीक्षा आयोग ने 2022 में ली थी। उस समय तीन शिफ्ट में ली गई परीक्षा में से एक शिफ्ट की परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। उस समय भास्कर डिजिटल ने खबर ब्रेक की थी कि प्रश्न पत्र लीक हो गया है। BSSC की ट्रांसपेरेंसी पर क्यों उठ रहे सवाल? SSC काजल की कोठरी, मुख्यमंत्री जांच कराएं- छात्र नेता छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, ‘BSSC की परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक, सेटिंग के आरोप लगते रहे हैं। कई बार आरोप सिद्ध भी हुए हैं। लगता है BSSC काजल की कोठरी है, जहां ईमानदार अफसर नहीं टिक पाते। पहले यहां के अध्यक्ष और सचिव पेपर लीक मामले में जेल जा चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘2022 में बीपीएससी पेपर लीक मामले में आंदोलन के बाद वहां के परीक्षा नियंत्रक को हटाया तो गया, लेकिन बाद में अमरेन्द्र कुमार को BPSC से हटाकर BSSC का मेंबर बना दिया गया। मुख्यमंत्री को इसकी जांच करानी चाहिए।’ कोई भी प्रतियोगिता परीक्षा सफलता से नहीं ले पा रहा BSSC- गुरु रहमान, शिक्षक सालों से छात्र-छात्राओं को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कराने वाले शिक्षक गुरु रहमान से भास्कर ने बात की। कहा, ‘BSSC लंबे समय से संदेह के घेरे में रहा है। इससे जुड़ी कोई न कोई त्रुटि आती रही है। 2016 में इसके प्रथम इंटर स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा में प्रश्न पत्र सात दिन पहले ही लीक हो गए थे। सचिव, अध्यक्ष को जेल जाना पड़ा था।’ उन्होंने कहा, ‘मेरे दृष्टिकोण से BSSC किसी भी परीक्षा को ठीक से संचालित करने में सफल नहीं है। इसलिए BSSC से परीक्षा लेने का अधिकार लेकर अन्य आयोग को दे दिया जाए। ताकि लाखों बिहार के युवाओं को भविष्य की रक्षा हो सके।’  

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