‘जल सुरक्षा, जल संरक्षण, जन सुनवाई अभियान’ की रिपोर्ट में नगर निगम के 66 वार्डों में शुद्ध पानी घर-घर पहुंच रहा है। निगम के पीएचई इंजीनियरों को 1390 जल नमूने में सिर्फ एक ही नमूना पेयजल गुणवत्ता के मानकों के अनुसार असुरक्षित मिला है। जबकि सच्चाई सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें उजागर कर रही है। जहां शिकायतों की बाढ़ सी आ गई है। शहर में पेयजल से संबंधित 90 शिकायतें सामने आई है। इनमें 30 शिकायतें गंदे पानी की है। प्रदेश शासन ने हाल में मंगलवार को जल सुनवाई शुरू की है। पिछले सप्ताह पहली बार हुई सुनवाई में 31 शिकायतें शहर में दर्ज हुई है। उनमें से 30 के निराकरण का दावा किया गया है। वहीं वार्ड-12 का नलकूप में टीडीएस अधिक मात्रा में मिलने पर बंद करने की बात अफसर कह रहे है। पानी संबंधित ऐसी शिकायतें निरंतर बढ़ रही हैं। जहां जरूरत है वहां क्लोरीनेशन कर रहे हैं, टंकी भी साफ करा रहे हैं ये हैं जिम्मेदार और मोबाइल नंबर नगर निगम के 66 वार्डों में जल प्रदाय को लेकर पूरी जिम्मेदारी कार्यपालन यंत्री संजीव कुमार गुप्ता की है। गंदा-दूषित पानी से पीड़ित लोग उनके मोबाइल नंबर-9826944324 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा निगम ने कंट्रोल रूम नंबर: 0751-2238398 दिया गया है। जहां जरूरत है वहां क्लोरीनेशन कर रहे हैं, टंकी भी साफ करा रहे हैं
पानी की शिकायतें आने पर निराकरण करा रहे हैं। जहां जरूरत है, वहां पर क्लोरीनेशन किया जा रहा है। इससे संबंधित क्षेत्र में पानी की शिकायत में कमी आ रही है। जहां शिकायतें ज्यादा हैं वहां आवश्यक और सुधार कार्य कर रहे हैं। साथ ही पानी की टंकी भी साफ करा रहे हैं।
-संघ प्रिय, आयुक्त, नगर निगम


