बिलवारोड | ग्राम खड़की टांडा में मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूरा होने पर रविवार रात को सत्संग हुआ। जिसमें संत राधे चैतन्य बाबा ने प्रवचन में धैर्य व मधुर वाणी का महत्व बताया। उन्होंने कहा मनुष्य को जीवन में हमेशा धैर्य धारण करना चाहिए, क्योंकि धैर्य से ही हर समस्या का समाधान निकलता है। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को अच्छे संस्कार दें, जिससे उनका भविष्य उज्ज्वल बन सके। उन्होंने राजा अजमल का उदाहरण देते हुए बताया संतान न होने पर लोगों के तानों के कारण ही राजा के यहां परमात्मा बाबा रामदेव का अवतरण हुआ। सत्संग समाप्ति के बाद रात 11.34 बजे संत राधे चैतन्य बाबा कसार फाटा बिस्टान के लिए रवाना हुए। इसके पहले उन्होंने मंदिर में दर्शन किए। सोमवार सुबह भंडारे में कई श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।


