MP News: आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ रीवा (EOW) की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तहसील गुढ़ तहसील में पदस्थ तहसीलदार के कम्प्यूटर ऑपरेटर भगवानदीन चौरसिया को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर आवेदक की बेटी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग प्रमाण पत्र के सत्यापन (EWS certificate verification) के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। इसके लिए वह लगातार परेशान कर रहा था और काम को रोककर रखा था।
ईडब्लूएस सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के नाम पर मांगी घूस
बृजेन्द्र मणि त्रिपाठी, निवासी ग्राम नर्रहा, तहसील गुढ़ जिला रीवा जो पेशे से किसान हैं। उनकी बेटी का चयन एक लव्य आवासीय विद्यालय के लिए हुआ था। जिसमें ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए संबंधित आवेदन तहसील कार्यालय गुढ़ में बालाघाट कार्यालय से प्राप्त हुआ था। आरोप है कि तहसीलदार का कम्प्यूटर ऑपरेटर (Computer Operator) भगवानदीन चौरसिया जानबूझकर सत्यापन की प्रक्रिया को टाल रहा था तथा कार्य कराने के बदले 10 हजारु की रिश्वत की मांग कर रहा था।
ईओडब्लू रीवा की टीम ने रंगे हाथ पकड़ा
19 जनवरी को देर शाम जैसे ही आरोपी कम्प्यूटर ऑपरेटर ने फरियादी को रिश्वत की राशि देने के लिए तहसील कार्यालय गुढ़ बुलाया, पहले से योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत ईओडब्ल्यू रीवा की टीम ने उसे 10 हजार रुपए की रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक प्रियंका पाठक, हरीश त्रिपाठी, उप निरीक्षक गरिमा त्रिपाठी, भावना सिंह, रुचिका सूर्यवंशी, संतोष पाण्डेय, प्रधान आरक्षक पुष्पेन्द्र पटेल, सत्यनारायण मिश्रा, घनश्याम त्रिपाठी, अजय पाण्डेय, अमित कुमार दुबे सहित अन्य मौजूद रहे।
रिश्वत के लिए डेढ़ साल से रोकी फाइल
तहसीलदार का कम्प्यूटर आपरेटर रिश्वत के लिए इस तरह से अड़ा हुआ था कि अक्टूबर 2024 में पत्र सत्यापन करने के लिए आया था लेकिन फाइल दबाए रखा। इसके लिए लगातार आवेदक की ओर से तहसील और जिले के अधिकारियों के पास शिकायत की गई लेकिन कहीं से भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। जिसकी वजह से मजबूर होकर ईओडब्ल्यू में शिकायत करना पड़ा। अब ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि अब तक सत्यापन नहीं करने के पीछे की वजह भी पूछी जाएगी।
तहसीलदार की भूमिका संदिग्ध, होगी जांच
इस प्रकरण में गुढ़ के प्रभारी तहसीलदार अरुण यादव की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं होने और उसके बदले दस हजार रुपए की रिश्वत मांगने से संबंधित जानकारी तहसीलदार को भी दी गई थी। उन्होंने उस पर कार्रवाई नहीं की बल्कि आरोपी कम्प्यूटर आपरेटर उनके नाम का सहारा लेकर ही लगातार रिश्वत की मांग करता रहा। अब इस विवेचना के दौरान इस बात का पता लगाया जाएगा कि तहसीलदार की इसमें भूमिका कितनी रही है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि फाइल लेकर बाबू कई बार तहसीलदार के पास गया था लेकिन वह लौटाते रहे, इसलिए उनकी भूमिका संदिग्ध है।
एसपी ने कहा ये…
गुढ़ तहसील कार्यालय में कम्प्यूटर आपरेटर को दस हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया है। उसने ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र का सत्यापन करने के बदले रिश्वत मांगी थी। इसमें तहसीलदार और अन्य की क्या भूमिका रही है, इसकी जांच की जाएगी। – अरविंद सिंह ठाकुर, एसपी ईओडब्ल्यू रीवा


