अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी को जल्द ही नया कुलपति मिल सकता है। सोमवार को देश के चार अलग-अलग संस्थानों के डॉक्टरों के राजभवन में साक्षात्कार हो गए हैं। जल्द ही नए कुलपति की घोषणा राजभवन कर सकता है। बीते करीब छह महीने से अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए नए कुलपति की तलाश चल रही थी। देश भर के लिए 32 डॉक्टरों ने कुलपति पद के लिए आवेदन किया था। इनमें से पहले 12 फिर 18 आवेदक डॉक्टरों को शार्टलिस्ट किया गया था। दो बार कुलपति पद के लिए साक्षात्कार की तारीखें घोषित की गईं। फिर तीसरी बार 13 जनवरी को तारीख घोषित की गई। 15 डॉक्टरों का साक्षात्कार हुआ। सात सदस्यीय कमेटी ने चार नामों को राजभवन भेजा। सोमवार को चार डॉक्टरों को राजभवन में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। इसमें एक चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय से संबद्ध सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉक्टर, भोपाल, नागपुर एम्स और दिल्ली के डॉक्टर शामिल हैं। दोपहर 12 बजे से साक्षात्कार शुरू हुए। सभी चारों डॉक्टरों ने साक्षात्कार हो गए हैं। जल्द ही नए कुलपति के नाम की घोषणा की जा सकती है। डॉ.संजीव साढ़े 13 साल से प्रशासनिक पदों पर हैं अभी अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के डॉ. संजीव मिश्र हैं। उनका कार्यकाल छह महीने पहले खत्म हो गया था। लेकिन बाद में कार्यकाल बढ़ा दिया गया। डॉ. संजीव मिश्र केजीएमयू में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग से हैं। करीब 10 साल जोधपुर एम्स के निर्देशक पद की जिम्मेदारी संभाली। फिर साढ़े तीन साल से अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। बेपटरी है व्यवस्था अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी का मकसद प्रदेश भर के नर्सिंग, पैरामेडिकल और मेडिकल कॉलेजों को संबद्धता देना है। इन सभी कॉलेजों में एक समय में दाखिला, परीक्षा हो। उनके परिणाम घोषित किए जाएं। ताकि मेडिकल संस्थानों में एकरूपता लाई जा सके। सत्र की गाड़ी पटरी पर लाई जा सके। पर, कई सेमेस्टर की परीक्षाएं लेटलतीफी की शिकार हो चुकी हैं। अभी तक यूनिवर्सिटी में एक भी नियमित स्टाफ नहीं है। पूरी व्यवस्था संविदा, आउटसोर्सिंग पर है।


