देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में हुई। बैठक में शिशु स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, बच्चों एवं महिलाओं के टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सेवाओं, आयुष्मान योजना सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। कलेक्टर सिंह ने मिशन परिवार विकास कार्यक्रम, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, एनआरसी, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम, आशा कार्यक्रम, एसएनसीयू, एनसीडी, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और सीएम हेल्पलाइन जैसे अन्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बैठक में एएनसी (एंटीनेटल केयर) रजिस्ट्रेशन जिले में केवल 66.04 प्रतिशत एएनसी कार्य किया गया है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह विभाग का नियमित कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई कर्मचारियों की सैलरी काटी
गर्भवती महिलाओं के अनमोल पोर्टल में एएनसी पंजीयन में लापरवाही बरतने पर प्रभारी एएनएम रीना साकते और एएनएम दीपिका वर्मा का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। शहरी क्षेत्र में मॉनिटरिंग में लापरवाही के लिए बीईई सुखदेव रावत की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। सोनकच्छ में एएनसी कार्य की निराशाजनक स्थिति को देखते हुए सोनकच्छ बीपीएम दीपक चौहान का दस दिन और सोनकच्छ बीएमओ राकेश कुमार की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आईएमआर (शिशु मृत्यु दर) और एमएमआर (मातृ मृत्यु दर) में सुधार के लिए प्रतिमाह शत-प्रतिशत एएनसी रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन और चार एएनसी चेकअप की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्यालय पर नहीं रहने पर डॉक्टर को नोटिस
कार्य में लापरवाही बरतने पर बागली बीपीएम रतनसिंह जामले और कन्नौद बीपीएम प्रदीप पवार का दस दिन का वेतन तथा एपीएम स्वीटी यादव का सात दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि बिना अवकाश स्वीकृति के अनुपस्थित पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और कलेक्टर की अनुमति के बिना कोई भी बीएमओ छुट्टी पर नहीं जाएगा। सोनकच्छ में पदस्थ डॉ. आदर्श ननेरिया और डॉ. वर्षा राय को मुख्यालय पर नहीं रहने और मरीजों को समय पर सेवा नहीं देने के मामले में शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने मातृ मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा की एवं सभी प्रकरणों में संबंधित परिजनों से वार्ता कर जानकारी ली। मातृ मृत्यू प्रकरणों में लापरवाही बरतने वाली प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पानी गांव की चिकित्सक डॉ. मेघा कदम की एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। रेफर एनीमिक महिला का कन्नौद में उपचार नहीं करने पर कन्नौद बीएमओ लोकेश मीणा सहित डयूटी स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला चिकित्साल की डॉ लक्ष्मी जायसवाल की विभागीय जांच बिठाने एवं ड्यूटी नर्स की दो वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने बाल मृत्यु प्रकरणों की समीक्षा कर संबंधितों से बालक की मृत्यु का कारण जाना। कलेक्टर ने सभी बीएमओ को निर्देश दिए कि जितने भी बच्चे रेफर किए जाते हे, उन्हें साफ टॉवेल का उपयोग कर रेफर करें, जिससे बच्चों को किसी प्रकार का संक्रमण न हो पाएं। बैठक में नेशनल ट्यूबरकुलोसिस प्रोग्राम की प्रगति की समीक्षा की गई। जिसमें टोंकखुर्द द्वारा शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने पर कलेक्टर ने संबंधितों की सराहना की एवं सोनकच्छ में कार्य निराशाजनक पाए जाने पर सोनकच्छ एसटीएलएस शर्मिला राठोर का निलम्बित करने के निर्देश दिए।


