हनुमानगढ़ में किसान-मजदूरों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:सीटू, एआईकेएस ने मुख्यमंत्री को 21 सूत्री मांग पत्र सौंपा

हनुमानगढ़ में किसान-मजदूरों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:सीटू, एआईकेएस ने मुख्यमंत्री को 21 सूत्री मांग पत्र सौंपा

हनुमानगढ़ में भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू), अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) और राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। संगठनों ने लेबर कोड और मनरेगा में किए जा रहे परिवर्तनों को रद्द करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम 21 सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। इस प्रदर्शन में भादरा के पूर्व विधायक बलवान पूनिया, किसान सभा के जिला सचिव मंगेज चौधरी और माकपा नेता रामेश्वर वर्मा सहित कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि हनुमानगढ़ जिले के किसान और मजदूर लगातार संकटों का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। ज्ञापन में मजदूर विरोधी चारों लेबर कोड वापस लेने, बंद पड़े मनरेगा कार्यों को तुरंत शुरू करने और बीबी जीरामजी बिल को निरस्त करने की मांग की गई। इसके साथ ही, मनरेगा के तहत बकाया मजदूरी का भुगतान करने और श्रमिकों को लगातार काम उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। किसानों से संबंधित मांगों में एफसीआई के माध्यम से गेहूं की खरीद सुनिश्चित करने, समय पर बारदाना उपलब्ध कराने, खरीद के 48 घंटे के भीतर न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान करने और फसल बीमा क्लेम की बकाया राशि जल्द खातों में डालने की मांग प्रमुख थी। इसके अतिरिक्त, किसानों का संपूर्ण कर्ज माफ करने, स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने और इंदिरा गांधी नहर की बंदी नहीं लेने की मांग भी शामिल रही। अन्य मांगों में राठीखेड़ा एथनॉल फैक्ट्री बंद करने, किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 4000 रुपए करने, भूमिहीनों को जमीन देने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का फायदा सभी वंचितों तक पहुंचाने की मांग की गई। संगठनों ने जिले में सर्दी से हुए फसल नुकसान की विशेष गिरदावरी कराने और जंगली सूअरों से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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