किशनगंज के प्राइवेट अस्पताल में बड़ा खुलासा:एम्बुलेंस ड्राइवर कर रहा था मरीज का इलाज, बिना डिग्री टांके लगाते वीडियो वायरल, जांच टीम पहुंची

किशनगंज के प्राइवेट अस्पताल में बड़ा खुलासा:एम्बुलेंस ड्राइवर कर रहा था मरीज का इलाज, बिना डिग्री टांके लगाते वीडियो वायरल, जांच टीम पहुंची

किशनगंज के फातिमा हेल्थ केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक एम्बुलेंस ड्राइवर असलम आलम पर मरीज का इलाज करने का आरोप है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में असलम आलम एक घायल मरीज के पैर में टांके लगाते हुए दिख रहे हैं। असलम आलम के पास डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ की कोई डिग्री नहीं है। वह मूल रूप से एम्बुलेंस चालक हैं और कुछ पार्टनर्स के साथ मिलकर इस नर्सिंग होम को संचालित कर रहे हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप
अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग से पंजीकरण प्राप्त है, लेकिन नियमों की अनदेखी कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप है। उन पर अन्य अस्पतालों से रेफर किए गए मरीजों को यहां लाकर खुद इलाज करने और एम्बुलेंस से सीधे मरीजों को भर्ती कराने का भी आरोप है। वीडियो वायरल होने के बाद, डीएम विशाल राज के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम जांच के लिए अस्पताल पहुंची। टीम में सिविल सर्जन और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। एम्बुलेंस चालक असलम आलम फरार थे
जांच के दौरान अस्पताल में कई खामियां सामने आईं। मौके पर वीडियो में दिखे एम्बुलेंस चालक असलम आलम फरार थे, जिस कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो सका। जांच टीम ने अस्पताल संचालक से लिखित जवाब मांगा है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि बिना योग्यता वाले व्यक्ति को नर्सिंग होम संचालित करने और इलाज करने की अनुमति कैसे मिली। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इस मामले की गहन जांच कर रहा है। यदि आरोप सही पाए गए तो अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें लाइसेंस रद्द करना और कानूनी कार्रवाई शामिल है। यह मामला किशनगंज जिले में अवैध और अनियमित नर्सिंग होमों के नेटवर्क की ओर इशारा करता है। किशनगंज के फातिमा हेल्थ केयर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक एम्बुलेंस ड्राइवर असलम आलम पर मरीज का इलाज करने का आरोप है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में असलम आलम एक घायल मरीज के पैर में टांके लगाते हुए दिख रहे हैं। असलम आलम के पास डॉक्टर या नर्सिंग स्टाफ की कोई डिग्री नहीं है। वह मूल रूप से एम्बुलेंस चालक हैं और कुछ पार्टनर्स के साथ मिलकर इस नर्सिंग होम को संचालित कर रहे हैं। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप
अस्पताल को स्वास्थ्य विभाग से पंजीकरण प्राप्त है, लेकिन नियमों की अनदेखी कर मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप है। उन पर अन्य अस्पतालों से रेफर किए गए मरीजों को यहां लाकर खुद इलाज करने और एम्बुलेंस से सीधे मरीजों को भर्ती कराने का भी आरोप है। वीडियो वायरल होने के बाद, डीएम विशाल राज के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की चार सदस्यीय टीम जांच के लिए अस्पताल पहुंची। टीम में सिविल सर्जन और जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी (डीआईओ) सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। एम्बुलेंस चालक असलम आलम फरार थे
जांच के दौरान अस्पताल में कई खामियां सामने आईं। मौके पर वीडियो में दिखे एम्बुलेंस चालक असलम आलम फरार थे, जिस कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो सका। जांच टीम ने अस्पताल संचालक से लिखित जवाब मांगा है। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि बिना योग्यता वाले व्यक्ति को नर्सिंग होम संचालित करने और इलाज करने की अनुमति कैसे मिली। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग अब इस मामले की गहन जांच कर रहा है। यदि आरोप सही पाए गए तो अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें लाइसेंस रद्द करना और कानूनी कार्रवाई शामिल है। यह मामला किशनगंज जिले में अवैध और अनियमित नर्सिंग होमों के नेटवर्क की ओर इशारा करता है।  

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