गयाजी इंटरनेशन एयरपोर्ट में सीआईएसएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा जांच के दौरान विदेश नागरिक को हिरासत में लिया है। बैंकॉक जाने की तैयारी में था। थाई एयरवेज की फ्लाइट में सवार होने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचा था। उड़ान से पहले डिपार्चर गेट(प्रस्थान गेट) पर जांच में उसके बैग से संदिग्ध उपकरण बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह उपकरण हाईटेक जीपीएस ट्रैकर है। जिसे बिना किसी वैध अनुमति या दस्तावेज के ले जाया जा रहा था। इसके बाद सीआईएसएफ ने यात्री को हिरासत में लेकर जिला पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार चिली का नागरिक बेसली एंड्रेस फरफान थाई एयरवेज की उड़ान संख्या टीजी-328 से गयाजी से बैंकॉक के लिए रवाना होने वाला था। तय समय पर वह एयरपोर्ट पहुंचा और चेक-इन प्रक्रिया के बाद प्रस्थान गेट की ओर बढ़ा। इसी दौरान सीआईएसएफ की नियमित सुरक्षा जांच में उसके सामान को एक्स-रे मशीन से स्कैन किया गया। स्कैनिंग के दौरान बैग के अंदर कुछ संदिग्ध उपकरण नजर आए। संतोषजनक जवाब नहीं दे सका शक के आधार पर बैग की फिजिकल जांच की गई। जांच में एक अति आधुनिक गर्मिन कंपनी का जीपीएस ट्रैकर बरामद हुआ। जब अधिकारियों ने यात्री से इस उपकरण को ले जाने से संबंधित वैध अनुमति पत्र, आधिकारिक दस्तावेज या किसी सरकारी एजेंसी की मंजूरी के कागजात मांगे, तो वह कोई भी कागज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ के दौरान वह इस बात का भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया कि वह जीपीएस ट्रैकर को किस उद्देश्य से अपने साथ ले जा रहा था। सीआईएसएफ अधिकारियों के अनुसार, विमानन सुरक्षा नियमों के तहत बिना अनुमति इस प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक और ट्रैकिंग उपकरणों को अंतरराष्ट्रीय उड़ान में ले जाना प्रतिबंधित है। ऐसे उपकरणों का दुरुपयोग सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसी कारण इसे सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ ने तुरंत इसकी सूचना जिला पुलिस और स्थानीय मगध मेडिकल थाना को दी। मामले की जांच में जुटी पुलिस सूचना मिलने के बाद पुलिस एयरपोर्ट पहुंची। प्रारंभिक जांच और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीआईएसएफ ने हिरासत में लिए गए चिली के नागरिक को जिला पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि जीपीएस ट्रैकर का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था और इसके पीछे कोई संदिग्ध मंशा तो नहीं थी। इस पूरे मामले पर गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के कार्यवाहक निदेशक अवधेश कुमार ने बताया कि सीआईएसएफ ने एक विदेशी नागरिक को हिरासत में लिया था, जिसे बाद में स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। जिला पुलिस आगे की जांच कर रही है। गयाजी इंटरनेशन एयरपोर्ट में सीआईएसएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। सुरक्षा जांच के दौरान विदेश नागरिक को हिरासत में लिया है। बैंकॉक जाने की तैयारी में था। थाई एयरवेज की फ्लाइट में सवार होने के लिए एयरपोर्ट पर पहुंचा था। उड़ान से पहले डिपार्चर गेट(प्रस्थान गेट) पर जांच में उसके बैग से संदिग्ध उपकरण बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह उपकरण हाईटेक जीपीएस ट्रैकर है। जिसे बिना किसी वैध अनुमति या दस्तावेज के ले जाया जा रहा था। इसके बाद सीआईएसएफ ने यात्री को हिरासत में लेकर जिला पुलिस के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार चिली का नागरिक बेसली एंड्रेस फरफान थाई एयरवेज की उड़ान संख्या टीजी-328 से गयाजी से बैंकॉक के लिए रवाना होने वाला था। तय समय पर वह एयरपोर्ट पहुंचा और चेक-इन प्रक्रिया के बाद प्रस्थान गेट की ओर बढ़ा। इसी दौरान सीआईएसएफ की नियमित सुरक्षा जांच में उसके सामान को एक्स-रे मशीन से स्कैन किया गया। स्कैनिंग के दौरान बैग के अंदर कुछ संदिग्ध उपकरण नजर आए। संतोषजनक जवाब नहीं दे सका शक के आधार पर बैग की फिजिकल जांच की गई। जांच में एक अति आधुनिक गर्मिन कंपनी का जीपीएस ट्रैकर बरामद हुआ। जब अधिकारियों ने यात्री से इस उपकरण को ले जाने से संबंधित वैध अनुमति पत्र, आधिकारिक दस्तावेज या किसी सरकारी एजेंसी की मंजूरी के कागजात मांगे, तो वह कोई भी कागज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ के दौरान वह इस बात का भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया कि वह जीपीएस ट्रैकर को किस उद्देश्य से अपने साथ ले जा रहा था। सीआईएसएफ अधिकारियों के अनुसार, विमानन सुरक्षा नियमों के तहत बिना अनुमति इस प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक और ट्रैकिंग उपकरणों को अंतरराष्ट्रीय उड़ान में ले जाना प्रतिबंधित है। ऐसे उपकरणों का दुरुपयोग सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। इसी कारण इसे सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ ने तुरंत इसकी सूचना जिला पुलिस और स्थानीय मगध मेडिकल थाना को दी। मामले की जांच में जुटी पुलिस सूचना मिलने के बाद पुलिस एयरपोर्ट पहुंची। प्रारंभिक जांच और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सीआईएसएफ ने हिरासत में लिए गए चिली के नागरिक को जिला पुलिस के हवाले कर दिया। मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि जीपीएस ट्रैकर का उपयोग किस उद्देश्य से किया जाना था और इसके पीछे कोई संदिग्ध मंशा तो नहीं थी। इस पूरे मामले पर गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के कार्यवाहक निदेशक अवधेश कुमार ने बताया कि सीआईएसएफ ने एक विदेशी नागरिक को हिरासत में लिया था, जिसे बाद में स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। जिला पुलिस आगे की जांच कर रही है।


