नवादा साइबर पुलिस की एसआईटी ने ऑनलाइन ठगी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से सस्ते दर पर तुरंत लोन दिलाने का झांसा देकर कई राज्यों के उपभोक्ताओं से ठगी करता था। तकनीकी सर्विलांस और मानवीय इंटेलिजेंस की मदद से एसआईटी ने शनिवार को आरोपी को वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव स्थित एक ईंट भट्ठे के पास से पकड़ा। पुलिस भारत सरकार के गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल पर उपलब्ध नंबरों की ट्रैकिंग के आधार पर गांव पहुंची थी। लोगों को कॉल कर ऑनलाइन ठगी कर रहा था
आरोपी ईंट भट्ठे के पास अरहर के खेतों में बैठकर लोगों को कॉल कर ऑनलाइन ठगी कर रहा था। उसकी तलाशी के दौरान एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वारिसलीगंज के चैनपुरा गांव निवासी स्व. नरेश शर्मा के बेटे मनीष कुमार के रूप में हुई है। साइबर डीएसपी निशु मल्लिक की निगरानी और इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस छापेमारी में भाग लिया। लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था
आरोपी के पास से बरामद मोबाइल की जांच और पूछताछ से पता चला कि वह एक संगठित गिरोह का सदस्य है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। पहले लोन प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 2,000 रुपए लिए जाते थे, फिर 5,000 रुपए और बाद में हजारों-लाखों रुपए की ठगी की जाती थी। मोबाइल की जांच से यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने एक दिन पहले ही एक व्यक्ति से 1 लाख 18 हजार रुपए की ठगी की थी। इस मामले में आरोपी के खिलाफ साइबर थाने में 17 जनवरी को कांड संख्या-08/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में मनीष कुमार को नामजद किया गया है, जबकि उसके गिरोह के 30-40 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी, संगठित धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे हिरासत में भेज दिया गया। नवादा साइबर पुलिस की एसआईटी ने ऑनलाइन ठगी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से सस्ते दर पर तुरंत लोन दिलाने का झांसा देकर कई राज्यों के उपभोक्ताओं से ठगी करता था। तकनीकी सर्विलांस और मानवीय इंटेलिजेंस की मदद से एसआईटी ने शनिवार को आरोपी को वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चैनपुरा गांव स्थित एक ईंट भट्ठे के पास से पकड़ा। पुलिस भारत सरकार के गृह मंत्रालय के प्रतिबिंब पोर्टल पर उपलब्ध नंबरों की ट्रैकिंग के आधार पर गांव पहुंची थी। लोगों को कॉल कर ऑनलाइन ठगी कर रहा था
आरोपी ईंट भट्ठे के पास अरहर के खेतों में बैठकर लोगों को कॉल कर ऑनलाइन ठगी कर रहा था। उसकी तलाशी के दौरान एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वारिसलीगंज के चैनपुरा गांव निवासी स्व. नरेश शर्मा के बेटे मनीष कुमार के रूप में हुई है। साइबर डीएसपी निशु मल्लिक की निगरानी और इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस छापेमारी में भाग लिया। लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था
आरोपी के पास से बरामद मोबाइल की जांच और पूछताछ से पता चला कि वह एक संगठित गिरोह का सदस्य है। वह अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करता था। पहले लोन प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 2,000 रुपए लिए जाते थे, फिर 5,000 रुपए और बाद में हजारों-लाखों रुपए की ठगी की जाती थी। मोबाइल की जांच से यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने एक दिन पहले ही एक व्यक्ति से 1 लाख 18 हजार रुपए की ठगी की थी। इस मामले में आरोपी के खिलाफ साइबर थाने में 17 जनवरी को कांड संख्या-08/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में मनीष कुमार को नामजद किया गया है, जबकि उसके गिरोह के 30-40 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों के खिलाफ साइबर ठगी, संगठित धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे हिरासत में भेज दिया गया।


