Child Safety: नया अभियान, अब छोटे बच्चे भी दुपहिया वाहन पर हेलमेट पहने आएंगे नजर

Helmet Awareness: जयपुर. सड़क पर दौड़ती हर बाइक केवल एक सफर नहीं, बल्कि किसी परिवार की उम्मीद होती है। जब उस बाइक पर मासूम बच्चा बैठा होता है, तब उसकी सुरक्षा केवल नियम नहीं, जिम्मेदारी बन जाती है। दुर्भाग्य से आज भी अधिकांश अभिभावक बच्चों को बिना हेलमेट यात्रा कराते हैं, जो एक छोटी-सी लापरवाही को बड़े हादसे में बदल सकता है। आंकड़े बताते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में दोपहिया दुर्घटनाओं में लाखों जानें गई हैं, जिनमें कई मासूम भी शामिल रहे हैं।

बच्चे हेलमेट से वंचित क्यों

अक्सर देखने में आता है कि जो दोपहिया वाहन चालक होते हैं वो यात्रा में अपने बच्चे को हेलमेट नहीं पहनाते हैं जिससे चालक को तो खतरा होता ही है बल्कि बच्चे के लिए दुर्घटना के समय हेलमेट ना पहनना और भी ज़्यादा ख़तरनाक होता है।

क्या कहते हैं आंकडे

भारत में साल 2019–23 में दोपहिया वाहन एक्सीडेंट्स में लगभग 3.35 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई है। डेटा बताता है कि हर घंटे लगभग 8–9 दोपहिया चालक सड़क हादसे में मरते हैं, जो इस खतरे की गंभीरता को दर्शाता है।
इसी विषय को ध्यान में रखते हुए जयपुर की दम्पत्ति ने एक एन जी ओ शुरू करके एक अभियान शुरू किया है जिसमें छोटे बच्चों को अपने बड़ों के साथ दोपहिया वाहन पर चलते समय हेलमेट ज़रूर पहनने का प्रण करवाया है।

Child Safety

“क्राउन फॉर किड्स” अभियान की शुरुआत

इसी संवेदनशील सच्चाई को बदलने का संकल्प लेकर जयपुर के दंपती ने तनीषा कुलश्रेष्ठ फाउंडेशन की स्थापना की और “क्राउन फॉर किड्स” अभियान की शुरुआत की। प्रताप नगर स्थित एलबीएस स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 50 बच्चों को हेलमेट पहनाकर उन्हें सुरक्षित भविष्य का संदेश दिया गया। बच्चों की आंखों में चमक और माता-पिता के चेहरे पर भरोसा इस पहल की सफलता को दर्शा रहा था।

बचपन में डाली गई अच्छी आदतें जीवनभर सुरक्षा कवच

कार्यक्रम में पद्मश्री माया टंडन और शिप्रा कुलश्रेष्ठ ने बच्चों और अभिभावकों को सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया। फाउंडेशन के संस्थापक मुकुल कुलश्रेष्ठ और आयुषी कुलश्रेष्ठ ने कहा कि बचपन में डाली गई अच्छी आदतें जीवनभर सुरक्षा कवच बनती हैं। हेलमेट केवल सिर की रक्षा नहीं करता, बल्कि सपनों और परिवार की खुशियों की भी रक्षा करता है।

Child Safety

अभिभावकों ने लिया संकल्प

इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों ने संकल्प लिया कि वे अपने बच्चों को हर सफर में हेलमेट पहनाएंगे। यह पहल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को जिम्मेदार और संवेदनशील बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। जब हम बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता बनाते हैं, तभी एक सुरक्षित और जागरूक भविष्य की नींव रखी जा सकती है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *