प्रदेश में मक्का बीज की खरीदी में हो रही गड़बड़ी पर भास्कर इन्वेस्टिगेशन में खुलासे के बाद रायपुर समेत 13 जिलों में मक्का बीज खरीदी के टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। जिन जिलों में वर्कआर्डर की प्रक्रिया हो गई थी। वहां भी अब जांच की जा रही है। दरअसल, 7 जनवरी को भास्कर ने खुलासा किया था कि किस तरह गुजरात की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में सीजन बीतने के बाद मक्के के बीज खरीदे जा रहे हैं। भास्कर ने स्टिंग से टेंडर हासिल करने के लिए गुजरात की कंपनियों की सांठगांठ भी उजागर की थी। प्रदेश में बीते कुछ साल से कृषि विभाग मक्का और अन्य वैकल्पिक फसलों पर बढ़ावा दे रहा है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के फंड से बीज खरीदकर किसानों को मुफ्त दिए जाते हैं। मक्के की बुआई की प्रक्रिया 15 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच हो जानी चाहिए। लेकिन जिलों ने इसके बीतने के बाद जेम पोर्टल पर टेंडर जारी किए। इन जिलों में मक्का बीज खरीदी की प्रक्रिया रोकी गई| रायपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा, मानपुर-मोहला, दुर्ग, राजनांदगांव, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, कांकेर और सूरजपुर। सप्लायर फर्म समेत पूरी प्रक्रिया की जांच जारी
मिली जानकारी के मुताबिक मक्का बीज खरीदी की पूरी प्रक्रिया की अब व्यापक जांच की जा रही है। जिसमें मक्का बीज खरीदी में सरकारी दर से अधिक दाम पर खरीदी, निर्धारित मात्रा से अधिक खरीदी, सीजन बीतने के बाद वर्कऑर्डर जारी करने, बीज की क्वालिटी, सप्लायर फर्मों की सांठगांठ जैसे तमाम बिंदु हैं। इसके साथ ही सप्लायर फर्म के लाइसेंस, दस्तावेज आदि की भी जांच होगी। ^मक्के बीज खरीदी की जांच संचालक कृषि द्वारा की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-शहला निगार, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव


