मौनी अमावस्या पर बूढ़ी काली मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में लगी श्रद्धालुओं की कतार

मौनी अमावस्या पर बूढ़ी काली मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में लगी श्रद्धालुओं की कतार

भास्कर न्यूज | किशनगंज शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में रविवार को अमावस्या के अवसर पर धार्मिक आस्था और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। लाइन स्थित बूढ़ी काली मंदिर, खगड़ा ढेकाबिंजा समेत विभिन्न काली मंदिरों में अमावस्या पूजा का आयोजन विधि-विधान के साथ किया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। लाइन स्थित बूढ़ी काली मंदिर में मंदिर के पुरोहित मलय मुखर्जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां काली की विधिवत पूजा कराई गई। पूजा के दौरान मां काली के साथ मां शारदे, भगवान शिव एवं बजरंगबली की भी पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मां से सुख-समृद्धि की कामना की। अमावस्या पूजा को लेकर मंदिर परिसर में भक्तों का खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही महिलाएं, पुरुष और बच्चे मंदिर पहुंचकर कतारबद्ध होकर दर्शन करते नजर आए। मंदिर कमिटी के सचिव शुभजीत शेखर, मनोज मजूमदार और साधन दास ने बताया कि प्रत्येक माह के दूसरे या अंतिम सप्ताह में अमावस्या पूजा का आयोजन किया जाता है। अमावस्या पूजा विशेष महत्व रखती है और इसे हर माह धूमधाम से मनाया जाता है। पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। इस अवसर पर निखिल पाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। इसके अलावा खगड़ा ढेकाबिंजा, रूईधासा काली तला, डुमरिया और रोलबाग स्थित काली मंदिरों में भी अमावस्या पूजा का आयोजन किया गया। खगड़ा ढेकाबिंजा काली मंदिर में पुरोहित सन्नी झा द्वारा विधिवत पूजा कराई गई। पूजा को सफल बनाने में गौतम साह, दीपक साह सहित अन्य भक्त सक्रिय रूप से जुटे रहे। वहीं डुमरिया काली मंदिर में पुरोहित सुबोल चक्रवर्ती द्वारा माता की पूजा कराई गई। अमावस्या पूजा के दौरान सभी मंदिरों में भक्तिमय वातावरण बना रहा। भास्कर न्यूज | किशनगंज शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में रविवार को अमावस्या के अवसर पर धार्मिक आस्था और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। लाइन स्थित बूढ़ी काली मंदिर, खगड़ा ढेकाबिंजा समेत विभिन्न काली मंदिरों में अमावस्या पूजा का आयोजन विधि-विधान के साथ किया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और भक्तों ने पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। लाइन स्थित बूढ़ी काली मंदिर में मंदिर के पुरोहित मलय मुखर्जी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां काली की विधिवत पूजा कराई गई। पूजा के दौरान मां काली के साथ मां शारदे, भगवान शिव एवं बजरंगबली की भी पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर मां से सुख-समृद्धि की कामना की। अमावस्या पूजा को लेकर मंदिर परिसर में भक्तों का खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही महिलाएं, पुरुष और बच्चे मंदिर पहुंचकर कतारबद्ध होकर दर्शन करते नजर आए। मंदिर कमिटी के सचिव शुभजीत शेखर, मनोज मजूमदार और साधन दास ने बताया कि प्रत्येक माह के दूसरे या अंतिम सप्ताह में अमावस्या पूजा का आयोजन किया जाता है। अमावस्या पूजा विशेष महत्व रखती है और इसे हर माह धूमधाम से मनाया जाता है। पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे भक्तों ने श्रद्धापूर्वक ग्रहण किया। इस अवसर पर निखिल पाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे। इसके अलावा खगड़ा ढेकाबिंजा, रूईधासा काली तला, डुमरिया और रोलबाग स्थित काली मंदिरों में भी अमावस्या पूजा का आयोजन किया गया। खगड़ा ढेकाबिंजा काली मंदिर में पुरोहित सन्नी झा द्वारा विधिवत पूजा कराई गई। पूजा को सफल बनाने में गौतम साह, दीपक साह सहित अन्य भक्त सक्रिय रूप से जुटे रहे। वहीं डुमरिया काली मंदिर में पुरोहित सुबोल चक्रवर्ती द्वारा माता की पूजा कराई गई। अमावस्या पूजा के दौरान सभी मंदिरों में भक्तिमय वातावरण बना रहा।  

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