बिहार के पैरा पावरलिफ्टर्स ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रचा इतिहास:नालंदा के खिलाड़ियों ने जीते दो स्वर्ण; एक रजत पदक भी किया अपने नाम

बिहार के पैरा पावरलिफ्टर्स ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में रचा इतिहास:नालंदा के खिलाड़ियों ने जीते दो स्वर्ण; एक रजत पदक भी किया अपने नाम

उत्तराखंड में 23वीं सीनियर, 18वीं जूनियर और दूसरी सब-जूनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025-26 खत्म हुई। इसमें बिहार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का मान बढ़ाया है। रुड़की स्थित COER यूनिवर्सिटी, वर्धमानपुरम में 16 से 18 जनवरी तक चली इस प्रतिस्पर्धा में देशभर से करीब 355 पैरा एथलीट्स ने हिस्सा लिया। बिहार की 21 सदस्यीय टीम ने इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। नालंदा के खिलाड़ियों ने विशेष रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। झंडू कुमार ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि सन्नी कुमार ने 54 किलोग्राम भार वर्ग में 45 किलोग्राम वजन उठाकर देश में अपना परचम लहराया। इसके अलावा रंजीत कुमार ने 59 किलोग्राम भार वर्ग में 70 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। सीमित संसाधनों में असीमित हौसला उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार के खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बिहार पैरा पावरलिफ्टिंग टीम के कोच कुंदन कुमार पांडे ने बताया कि निरंतर अभ्यास, कठोर अनुशासन और दृढ़ आत्मविश्वास ही इस सफलता की नींव है। नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरबिन्द कुमार सिन्हा ने इस उपलब्धि को पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य पैरा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। स्वर्ण पदक विजेता झंडू कुमार ने नए खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित अभ्यास, अपने लक्ष्य पर अटूट विश्वास और परिस्थितियों के आगे न झुकने का जज्बा ही सफलता की कुंजी है। सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शिखर छुआ जा सकता है। उत्तराखंड में 23वीं सीनियर, 18वीं जूनियर और दूसरी सब-जूनियर राष्ट्रीय पैरा पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025-26 खत्म हुई। इसमें बिहार के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य का मान बढ़ाया है। रुड़की स्थित COER यूनिवर्सिटी, वर्धमानपुरम में 16 से 18 जनवरी तक चली इस प्रतिस्पर्धा में देशभर से करीब 355 पैरा एथलीट्स ने हिस्सा लिया। बिहार की 21 सदस्यीय टीम ने इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। नालंदा के खिलाड़ियों ने विशेष रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। झंडू कुमार ने 72 किलोग्राम भार वर्ग में 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि सन्नी कुमार ने 54 किलोग्राम भार वर्ग में 45 किलोग्राम वजन उठाकर देश में अपना परचम लहराया। इसके अलावा रंजीत कुमार ने 59 किलोग्राम भार वर्ग में 70 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। सीमित संसाधनों में असीमित हौसला उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिहार के खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। बिहार पैरा पावरलिफ्टिंग टीम के कोच कुंदन कुमार पांडे ने बताया कि निरंतर अभ्यास, कठोर अनुशासन और दृढ़ आत्मविश्वास ही इस सफलता की नींव है। नालंदा पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरबिन्द कुमार सिन्हा ने इस उपलब्धि को पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि यह सफलता अन्य पैरा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। स्वर्ण पदक विजेता झंडू कुमार ने नए खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित अभ्यास, अपने लक्ष्य पर अटूट विश्वास और परिस्थितियों के आगे न झुकने का जज्बा ही सफलता की कुंजी है। सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से न केवल राष्ट्रीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शिखर छुआ जा सकता है।  

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