शाहजहांपुर में एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर तोड़फोड़ की और सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की बात सामने आई है। मृतका की पहचान पुष्पा के रूप में हुई है, जिसे प्रसव पीड़ा के बाद निगोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निगोही थाना क्षेत्र के संडाखास निवासी रमेश कुमार ने अपनी गर्भवती पत्नी पुष्पा को 3 जनवरी को निगोही के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर पुष्पा को बेटे को जन्म दिया। पांच दिन अस्पताल में भर्ती रखने के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। 8 जनवरी को पुष्पा की तबीयत फिर बिगड़ गई। पति रमेश उसे उसी अस्पताल ले गया, लेकिन आरोप है कि डॉक्टरों ने मरीज को देखने से इनकार कर दिया। रमेश ने बताया कि वह अपनी पत्नी को गंभीर हालत में शहर के तीन अलग-अलग अस्पतालों में ले गया, लेकिन किसी ने भी भर्ती नहीं किया। इसके बाद रमेश अपनी पत्नी को लेकर बरेली गया। वहां भी डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया। अंततः उन्होंने एक निजी अस्पताल में पुष्पा को भर्ती कराया, जहां रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजन उसका शव लेकर सीधे निगोही के उसी निजी अस्पताल पहुंचे, जहां 3 जनवरी को उसका ऑपरेशन हुआ था। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और सड़क पर शव रखकर करीब दो घंटे तक जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पुलिसकर्मियों के साथ भी धक्का-मुक्की की खबरें हैं। सीओ सदर प्रयांक जैन ने बताया कि जाम खुलवा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तहरीर प्राप्त होते ही एफआईआर दर्ज की जाएगी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।


