सिधवां बेट क्षेत्र के शेरेवाल गांव में 25 वर्षीय जसवीर सिंह की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई। इस परिवार के अब तक पिता व बेटों समेत कुल सात लोगों की नशे के कारण जान जा चुकी है। इस घटना की जानकारी मिलने पर पंजाब भाजपा के कार्यकारिणी प्रधान अश्वनी शर्मा शेरेवाल गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और उन्हें ढांढस बंधाया। अश्वनी शर्मा ने कहा कि भाजपा इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ी है और यह घटना पंजाब के लिए एक गंभीर मुद्दा है। अश्वनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब के लोगों ने बदलाव की उम्मीद में मौजूदा सरकार को सत्ता सौंपी थी, लेकिन हालात पहले से भी बदतर हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज पंजाब में पूरी की पूरी पीढ़ियां नशे की भेंट चढ़ रही हैं। उनके अनुसार, सरकार के नारे बहुत हैं, लेकिन जमीनी हकीकत डरावनी है। भाजपा कार्यकारिणी प्रधान ने आगे कहा कि नशा अब पंजाब के समाज को अंदर से खोखला कर रहा है और यह राज्य के लिए एक नासूर बन चुका है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सिर्फ सरकारी नारों से नशा खत्म हो जाता, तो शेरेवाल का यह परिवार उजड़ता नहीं। उन्होंने जोर दिया कि जब तक जनता खुद नशे के खिलाफ एक लहर बनकर खड़ी नहीं होगी, तब तक इस जंग को नहीं जीता जा सकता। उन्होंने कहा कि राजनीति तब ही बचेगी, जब पंजाब के नौजवान बचेंगे। मौजूदा हालात में पंजाब की नौजवानी गंभीर खतरे में है। विधानसभा में उठेगा मामला अश्वनी शर्मा ने ऐलान किया कि शेरेवाल गांव के इस परिवार का मुद्दा वह विधानसभा में जोर-शोर से उठाएंगे और हर मंच पर इसे सामने लाया जाएगा।अगर इस परिवार की आवाज उठाने से पांच-सात और परिवार नशे की दलदल में गिरने से बच जाते हैं, तो यही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने सरकार के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा किएक तरफ सरकार अभियान चला रही है, दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि एक ही परिवार के छह बेटे नशे के कारण मर चुके हैं। सरकार को चाहिए कि गांव शेरेवाल आकर हकीकत देखे। बड़ी संख्या में भाजपा नेता रहे मौजूद इस मौके पर जिला प्रधान डॉ. रजिंदर शर्मा के अलावा राकेश राठौर, गेजा राम वाल्मीकि, जतिंदर मित्तल, गुरदेव शर्मा, देबी, सुमित अरोड़ा, प्रदीप जंड, गुरसिमरन सिंह, अमरीक सिंह आलीवाल, गुरभेज सिंह, पुष्पिंदर सिंहल, दिनेश सरपाल, भानु प्रताप, तरसेम सिंह कन्यां, हरबंस सिंह बाघियां, गुरमेल सिंह शेरवाल, कृष्ण कुमार, कर्नल इंदरपाल सिंह धालीवाल सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।


