मकर संक्रांति के बाद जिले में राजनीतिक दलों के द्वारा चूड़ा-दही भोजों की श्रृंखला जारी है। इसी क्रम में रविवार को कांग्रेस के नेतृत्व में महागठबंधन की ओर से सीवान में भव्य चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में आम जनता ने हिस्सा लिया और चूड़ा-दही व पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा. आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार के साथ जदयू, राजद, वाम दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। आयोजन का माहौल पूरी तरह सामुदायिक और सौहार्दपूर्ण रहा, जहां राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की जगह सामाजिक मेलजोल और परंपरागत संस्कृति की झलक दिखी. जिलाध्यक्ष बोले- पर्व भारत की कृषि व सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि मकर संक्रांति का यह पर्व भारत की कृषि व सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “संक्रांति ऐसा समय है जिसके बाद हर जगह शुभ आरंभ माना जाता है। इसीलिए आज राजनीति से अलग हटकर हम सभी ने एक साथ बैठकर चूड़ा-दही भोज का आनंद लिया है। इस आयोजन में किसी भी दल के नेता, कार्यकर्ता या आमजन पर कोई पाबंदी नहीं थी । सभी को खुला निमंत्रण दिया गया था. सुशील कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक एकता और अपनत्व का प्रदर्शन करने के बावजूद विपक्ष की जिम्मेदारी कम नहीं होती। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के गलत निर्णयों और जनविरोधी नीतियों पर महागठबंधन आगे भी मजबूती से आवाज उठाएगा। “विरोध और प्रश्न करना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से राजनीतिक कटुता कम होती है और संवाद के नए रास्ते खुलते हैं,”. युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में पहुंचे चूड़ा-दही भोज के दौरान कई स्थानीय नेताओं ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की समस्याओं पर अनौपचारिक चर्चा भी की। कार्यकर्ताओं ने बताया कि जनता से जुड़े मुद्दों को आगामी चरण में संगठित अभियान के माध्यम से उठाया जाएगा। आयोजन में युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक भी बड़ी संख्या में पहुंचे, जिससे स्पष्ट संकेत मिला कि पारंपरिक पर्वों की आड़ में राजनीतिक दल जनसरोकारों को सुदृढ़ बनाने की राह भी तलाश रहे हैं. मकर संक्रांति के बाद जिले में राजनीतिक दलों के द्वारा चूड़ा-दही भोजों की श्रृंखला जारी है। इसी क्रम में रविवार को कांग्रेस के नेतृत्व में महागठबंधन की ओर से सीवान में भव्य चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में आम जनता ने हिस्सा लिया और चूड़ा-दही व पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखा. आयोजन स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुशील कुमार के साथ जदयू, राजद, वाम दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। आयोजन का माहौल पूरी तरह सामुदायिक और सौहार्दपूर्ण रहा, जहां राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की जगह सामाजिक मेलजोल और परंपरागत संस्कृति की झलक दिखी. जिलाध्यक्ष बोले- पर्व भारत की कृषि व सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि मकर संक्रांति का यह पर्व भारत की कृषि व सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “संक्रांति ऐसा समय है जिसके बाद हर जगह शुभ आरंभ माना जाता है। इसीलिए आज राजनीति से अलग हटकर हम सभी ने एक साथ बैठकर चूड़ा-दही भोज का आनंद लिया है। इस आयोजन में किसी भी दल के नेता, कार्यकर्ता या आमजन पर कोई पाबंदी नहीं थी । सभी को खुला निमंत्रण दिया गया था. सुशील कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक एकता और अपनत्व का प्रदर्शन करने के बावजूद विपक्ष की जिम्मेदारी कम नहीं होती। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के गलत निर्णयों और जनविरोधी नीतियों पर महागठबंधन आगे भी मजबूती से आवाज उठाएगा। “विरोध और प्रश्न करना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है। ऐसे आयोजनों से राजनीतिक कटुता कम होती है और संवाद के नए रास्ते खुलते हैं,”. युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में पहुंचे चूड़ा-दही भोज के दौरान कई स्थानीय नेताओं ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की समस्याओं पर अनौपचारिक चर्चा भी की। कार्यकर्ताओं ने बताया कि जनता से जुड़े मुद्दों को आगामी चरण में संगठित अभियान के माध्यम से उठाया जाएगा। आयोजन में युवा, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक भी बड़ी संख्या में पहुंचे, जिससे स्पष्ट संकेत मिला कि पारंपरिक पर्वों की आड़ में राजनीतिक दल जनसरोकारों को सुदृढ़ बनाने की राह भी तलाश रहे हैं.


