सरकार ने वनों में आग की आशंका को देखते हुए कुद्रेमुख वन्यजीव प्रभाग Kudremukh Wildlife Division के अंतर्गत आने वाले कई वन और अभयारण्यों में ट्रेकिंग गतिविधियों पर अस्थाई रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध कुद्रेमुख राष्ट्रीय उद्यान, सोमेश्वर वन्यजीव अभयारण्य और मूकाम्बिका वन्यजीव अभयारण्य के भीतर आने वाले सभी ट्रेकिंग मार्गों पर लागू होगा।
जंगलों में आग लगने का खतरा
कुद्रेमुख वन्यजीव प्रभाग, कार्कल के सहायक वन संरक्षक ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। इसके चलते नेत्रावती ट्रेक, कुद्रेमुख ट्रेक, कोडाचाद्री ट्रेक और नरसिंह पर्वत ट्रेक जैसे प्रमुख और लोकप्रिय ट्रेकिंग स्थल प्रभावित होंगे।वन अधिकारियों के अनुसार, शुष्क मौसम के कारण जंगलों में आग forest fire लगने का खतरा काफी बढ़ गया है। ऐसे में यदि ट्रेकिंग गतिविधियों को नियंत्रित नहीं किया गया, तो इससे वन्यजीवों, जंगल की पारिस्थितिकी और मानव जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 14 जनवरी से अगले आदेश तक इन संरक्षित क्षेत्रों में सभी चिन्हित ट्रेकिंग मार्गों पर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वन विभाग ने पर्यटकों, ट्रेकर्स और आम जनता से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और विभाग को सहयोग दें। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त भी बढ़ा दी गई है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर वन एवं वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


