किशनपुर प्रखंड की सुखासन पंचायत के वार्ड संख्या-6 निवासी विद्यालाल शर्मा के पुत्र प्रमोद शर्मा (लगभग 30 वर्ष) का हाल ही में निधन हो गया। गंभीर बीमारी से पीड़ित प्रमोद को बेहतर इलाज के लिए न्यूरो अस्पताल, विराटनगर (नेपाल) में भर्ती कराया गया था। परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति के कारण परिजन अस्पताल का खर्च वहन करने में असमर्थ थे, जिसके चलते वे शव को गांव नहीं ला पाए। इस विवशता के कारण परिवार को बिना शव के ही घर लौटना पड़ा। परिजनों ने प्रतीकात्मक रूप से पुतला बनाकर अंतिम संस्कार और अन्य कर्मकांड संपन्न किए। यह घटना पूरे समाज के लिए चिंताजनक थी। सामजिक संगठनों ने माफ कराया अस्पताल फीस मृत्यु के लगभग 12 दिन बाद इस घटना की जानकारी लाइफ सेवियर फाउंडेशन, बिहार और कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही के सदस्यों को मिली। दोनों सामाजिक संगठनों ने मानवीय दायित्व का परिचय देते हुए तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप किया। संगठनों के सदस्यों ने लगातार प्रयास कर न्यूरो अस्पताल प्रशासन से संपर्क स्थापित किया। उनके प्रयासों से लगभग तीन लाख रुपए के अस्पताल बिल को माफ करवाने में सफलता मिली। अस्पताल प्रशासन ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए बिना किसी शुल्क के शव सौंपने में पूरा सहयोग किया। रीति-रिवाज के साथ सम्मानजनक अंतिम संस्कार इसके बाद, सामाजिक संगठनों के सदस्य स्वयं विराटनगर गए और शव को प्राप्त कर सुखासन पंचायत लाए। स्थानीय समाज के सहयोग से मृतक प्रमोद शर्मा का पूर्ण हिंदू रीति-रिवाज के साथ सम्मानजनक अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। जिस शव को परिवार अपनी परिस्थितियों के कारण लाने में असमर्थ था, उसे इन संगठनों ने सम्मान और गरिमा के साथ अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर, मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने लाइफ सेवियर फाउंडेशन, बिहार और कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही के सभी सदस्यों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन समाज में मानवता की लौ जलाए हुए हैं और संकट की घड़ी में असहाय परिवारों के लिए संजीवनी का कार्य करते हैं। इस मानवीय कार्य में लाइफ सेवियर फाउंडेशन की ओर से राहुल मंडल सनातनी, मनीष राज, राहुल यादव, सूरज मिश्रा, रितेश मिश्रा तथा कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही से लोलप ठाकुर, गुड्डू जीजीआर, संत अमरजीत जी और अरमान सहित अन्य सदस्य शामिल थे। किशनपुर प्रखंड की सुखासन पंचायत के वार्ड संख्या-6 निवासी विद्यालाल शर्मा के पुत्र प्रमोद शर्मा (लगभग 30 वर्ष) का हाल ही में निधन हो गया। गंभीर बीमारी से पीड़ित प्रमोद को बेहतर इलाज के लिए न्यूरो अस्पताल, विराटनगर (नेपाल) में भर्ती कराया गया था। परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति के कारण परिजन अस्पताल का खर्च वहन करने में असमर्थ थे, जिसके चलते वे शव को गांव नहीं ला पाए। इस विवशता के कारण परिवार को बिना शव के ही घर लौटना पड़ा। परिजनों ने प्रतीकात्मक रूप से पुतला बनाकर अंतिम संस्कार और अन्य कर्मकांड संपन्न किए। यह घटना पूरे समाज के लिए चिंताजनक थी। सामजिक संगठनों ने माफ कराया अस्पताल फीस मृत्यु के लगभग 12 दिन बाद इस घटना की जानकारी लाइफ सेवियर फाउंडेशन, बिहार और कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही के सदस्यों को मिली। दोनों सामाजिक संगठनों ने मानवीय दायित्व का परिचय देते हुए तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप किया। संगठनों के सदस्यों ने लगातार प्रयास कर न्यूरो अस्पताल प्रशासन से संपर्क स्थापित किया। उनके प्रयासों से लगभग तीन लाख रुपए के अस्पताल बिल को माफ करवाने में सफलता मिली। अस्पताल प्रशासन ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए बिना किसी शुल्क के शव सौंपने में पूरा सहयोग किया। रीति-रिवाज के साथ सम्मानजनक अंतिम संस्कार इसके बाद, सामाजिक संगठनों के सदस्य स्वयं विराटनगर गए और शव को प्राप्त कर सुखासन पंचायत लाए। स्थानीय समाज के सहयोग से मृतक प्रमोद शर्मा का पूर्ण हिंदू रीति-रिवाज के साथ सम्मानजनक अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। जिस शव को परिवार अपनी परिस्थितियों के कारण लाने में असमर्थ था, उसे इन संगठनों ने सम्मान और गरिमा के साथ अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर, मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने लाइफ सेवियर फाउंडेशन, बिहार और कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही के सभी सदस्यों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन समाज में मानवता की लौ जलाए हुए हैं और संकट की घड़ी में असहाय परिवारों के लिए संजीवनी का कार्य करते हैं। इस मानवीय कार्य में लाइफ सेवियर फाउंडेशन की ओर से राहुल मंडल सनातनी, मनीष राज, राहुल यादव, सूरज मिश्रा, रितेश मिश्रा तथा कोशी रक्तवीर सेवा संगठन, सिमराही से लोलप ठाकुर, गुड्डू जीजीआर, संत अमरजीत जी और अरमान सहित अन्य सदस्य शामिल थे।


