जमुई के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत धरमपुर पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय धरमपुर का भवन पिछले 10 से 12 वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में है। इससे यहां पढ़ने वाले 194 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) दयाशंकर को लिखित आवेदन देकर नए भवन के निर्माण की मांग की है। विद्यालय में पहले थे चार कमरे ग्रामीण राकेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में पहले कुल चार कमरे थे। इनमें से दो कमरे सरकारी आदेश पर ध्वस्त कर दिए गए हैं। शेष बचे दो कमरों में से एक की हालत इतनी खराब है कि उसमें बच्चों को बैठाना सुरक्षित नहीं है। परिणामस्वरूप, वर्तमान में कक्षा एक से आठ तक के सभी 194 छात्र-छात्राओं को मात्र एक ही कमरे में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कमरे की कमी के कारण कई बार बच्चों को पेड़ के नीचे या सड़क किनारे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है और पठन-पाठन का कार्य बाधित होता है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग इस मुद्दे को लेकर शनिवार को दोपहर 3 बजे ग्रामीण राकेश कुमार के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने डीईओ दयाशंकर से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया और नए भवन निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया था ताकि प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके। जमुई के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत धरमपुर पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय धरमपुर का भवन पिछले 10 से 12 वर्षों से अत्यंत जर्जर अवस्था में है। इससे यहां पढ़ने वाले 194 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) दयाशंकर को लिखित आवेदन देकर नए भवन के निर्माण की मांग की है। विद्यालय में पहले थे चार कमरे ग्रामीण राकेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में पहले कुल चार कमरे थे। इनमें से दो कमरे सरकारी आदेश पर ध्वस्त कर दिए गए हैं। शेष बचे दो कमरों में से एक की हालत इतनी खराब है कि उसमें बच्चों को बैठाना सुरक्षित नहीं है। परिणामस्वरूप, वर्तमान में कक्षा एक से आठ तक के सभी 194 छात्र-छात्राओं को मात्र एक ही कमरे में पढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। कमरे की कमी के कारण कई बार बच्चों को पेड़ के नीचे या सड़क किनारे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है और पठन-पाठन का कार्य बाधित होता है। प्रशासन से कार्रवाई की मांग इस मुद्दे को लेकर शनिवार को दोपहर 3 बजे ग्रामीण राकेश कुमार के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीणों ने डीईओ दयाशंकर से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्या से अवगत कराया और नए भवन निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने बच्चों को स्कूल जाने से रोक दिया था ताकि प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित हो सके।


