‘मेरा पति मुझे खुश नहीं कर पाता है’:पत्नी बोली- दवा खाकर संबंध बनाता है, तलाक चाहिए; पति ने कहा- बीवी से प्यार करता हूं

‘मेरा पति मुझे खुश नहीं कर पाता है’:पत्नी बोली- दवा खाकर संबंध बनाता है, तलाक चाहिए; पति ने कहा- बीवी से प्यार करता हूं

शादी के सात साल बाद एक मुस्लिम महिला अपने पति से तलाक लेना चाहती है। पत्नी का आरोप है कि पति उसकी जिस्मानी जरूरत पूरी नहीं कर पाता। इसलिए अब वह उसके साथ नहीं रहना चाहती है। बीवी ने अपनी मर्जी से निकाह खत्म करने की पहल की है। यह मामला गया के सिविल लाइन थाना इलाके का है। पीड़िता का कहना है कि उसकी शादी धोखे से कराई गई थी। उसका पति दिमागी तौर पर भी ठीक नहीं है। यह बात उससे छिपाई गई। महिला का कहना है कि मेरे पति दवा खाकर मुझसे संबंध बना पाता है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पति से तलाक के पीछे की पूरी वजह पीड़िता का कहना है कि, उसकी शादी 7 साल पहले हुई थी। शादी की पहली रात मेरे पति ने मुझसे कोई बात नहीं की। ना ही मेरे साथ कोई संबंध बनाया। वो अक्सर मुझसे दूर-दूर रहते थे और फिर शादी के 10 दिन बाद मैं अपने मायके चली गई। इस बीच उन्होंने मुझे कोई कॉल या मैसेज नहीं किया और ना ही मुझसे मिलने आए। मैंने पति को फोन किया और कहा कि वह मुझसे मिलने क्यों नहीं आए? उन्होंने कहा कि मुझसे कोई मतलब नहीं है। कुछ दिन बाद मैं खुद ही अपने ससुराल गई। वहां जाकर मेरा अपने पति से झगड़ा हुआ, जिसके बाद मैं फिर अपने मायके चली आई। जेठानी से पता चला कि मेरे पति का दिमाग कमजोर है पीड़िता ने बताया कि, मेरे मायके रहने पर मेरी मां ने मुझसे सवाल किया कि अभी शादी के 3 महीने ही बीते हैं और तुम करीब 2 महीने से मायके क्यों है। क्या तेरे ससुराल वाले कुछ बोलते नहीं है? तो कुछ दिन बाद मैं वापस अपने ससुराल गई।’ संबंध बनाने के लिए मेरे पति ने खाई थी दवाई एक दिन मैंने अपने पति से कहा कि सब पूछते हैं कि मिठाई कब खिलाओगी? इस पर मेरे पति ने कहा कि मेरे नसीब में बच्चा नहीं है। इस बात पर मैं सारी रात रोई और मेरे पति दूसरी तरफ मुंह करके सो गए। मुझे सुसाइड का ख्याल आता था। लेकिन मैं अपने मां-बाप का सोच कर रुक जाती थी। मैं हर दिन घुट-घुट कर जीने लगी। फिर महिला ने पति से कहा कि, ‘ऐसे तो आपसे संबंध बनता नहीं है। आज दवा खाकर भी संबंध नहीं बना पाए। जब आप सब जानते थे कि आप मुझे किसी तरह की खुशी नहीं दे पाएंगे तो मुझसे शादी करके मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की। मुझे आपकी परेशानी के बारे में अपने मां-बाप को बताने में भी शर्म आती है। मैं बस उनके सामने झूठी हंसी हंसती हूं।’ शादी के 1.5 साल बाद बेटा हुआ इस दिन के बाद अक्सर पति-पत्नी के बीच लड़ाई होती रहती थी। महिला ने अपने पति से एक दिन कह दिया कि, ‘मुझे तलाक दे दीजिए तो उन्होंने कहा कि वह मुझे नहीं छोड़ेंगे। मैं खुद उन्हें छोड़ कर चली जाऊं’। महिला ने आगे बताया कि, एक दिन मुझे अचानक पता चला कि मै प्रेग्नेंट थी। मैं बहुत खुश हुई, क्योंकि मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं कभी मां बन सकूंगी। मुझे लगा कि कोई चमत्कार हो गया है। सभी लोग बहुत खुश थे कि मैं शादी के 1 साल के बाद मां बनने वाली हूं। 9 महीने बाद मैंने एक बेटे को जन्म दिया। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद मैं अपने मायके ही रहने लगी।’ मदरसे में तलाक की तारीख तय की गई पत्नी का कहना है कि, 6 महीने बाद मैं अपने बच्चे को लेकर ससुराल गई। मेरी जेठानी ने मुझसे अच्छा व्यवहार नहीं किया और कहा कि मैं और मेरा पति उस घर में नौकर है।इसके बाद मेरे जेठ को फोन कर बुलाया गया। मेरे घर वालों ने मदरसे में तलाक की तारीख तय की गई। दोनों पक्ष के लोग आए और सारी बातें सामने रखी गई। मैंने जब अपनी बात बताई तो सभी ने कहा कि मेरे साथ गलत हुआ है। मेरे पति ने भी मेरी बात पर हामी भरी और मेरे जेठ ने अपनी गलती मानकर एक मौका मांगा। सभी ने मुझे एक मौका देने के लिए कहा। मैं भी एक मौका देने के लिए राजी हो गई। चार दिन बाद मेरे पति मुझे मायके से लेने आए। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला, बाद में फिर वही हाल हो गया। मेरे पति मुझसे बात नहीं करते थे। ऐसे करते हुए 6 महीने बीत गए और फिर मैंने अपने मायके वालों को सारी बात बताई। महिला ने अपने जेठ से कहा कि मौका मांगने पर दिया, लेकिन कुछ भी ठीक नहीं हुआ। अब वह अगर वापस अपने मायके जाएगी तो फिर कभी वापस नहीं आएगी। उन्होंने भी मुझसे कहा कि जो करना है कर लो।’ फिर मैं अपने मायके चली आई। मेरे पिता मदरसे में तलाक के लिए तारीख लेने गए। वहां पर उन्हें आयोग में जाने की सलाह दी गई और इसके बाद में महिला आयोग पहुंची हूं।’ पति बोले- पत्नी से दूर नहीं रह सकता दूसरी ओर पति का कहना है कि, मैं अपनी पत्नी को तलाक नहीं देना चाहता हूं। हम लोग तीन भाई हैं और तीनों का अलग-अलग खाना बनता है। फार्मा करवाया है, ताकि एक दवा का दुकान खुले और हमारी आमदनी बढ़े। जब मैं अपने बेटे से मिलने अपने ससुराल गया तो उसने चाकू दिखा कर कहा कि वह मुझे पुलिस से पकड़वा देगी। मैं डर के वहां से भाग गया। 2 फरवरी को इस मामले की अगली सुनवाई बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि, लड़की का पति दवा दुकान में काम करता है। पत्नी का कहना है कि उसका पति उसमें इंटरेस्ट नहीं लेता है, इसलिए वह उससे अलग होना चाहती है। मगर हमने उन्हें समझाया है कि, एक बेटा है तो दोनों पति-पत्नी को साथ ही रहना चाहिए। पहले परिवार बसाने के बारे में सोचना चाहिए। मगर वह तलाक लेने पर ही अड़ी रही। हालांकि दोनों को सोचने समझने का वक्त दिया गया है और इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी। शादी के सात साल बाद एक मुस्लिम महिला अपने पति से तलाक लेना चाहती है। पत्नी का आरोप है कि पति उसकी जिस्मानी जरूरत पूरी नहीं कर पाता। इसलिए अब वह उसके साथ नहीं रहना चाहती है। बीवी ने अपनी मर्जी से निकाह खत्म करने की पहल की है। यह मामला गया के सिविल लाइन थाना इलाके का है। पीड़िता का कहना है कि उसकी शादी धोखे से कराई गई थी। उसका पति दिमागी तौर पर भी ठीक नहीं है। यह बात उससे छिपाई गई। महिला का कहना है कि मेरे पति दवा खाकर मुझसे संबंध बना पाता है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पति से तलाक के पीछे की पूरी वजह पीड़िता का कहना है कि, उसकी शादी 7 साल पहले हुई थी। शादी की पहली रात मेरे पति ने मुझसे कोई बात नहीं की। ना ही मेरे साथ कोई संबंध बनाया। वो अक्सर मुझसे दूर-दूर रहते थे और फिर शादी के 10 दिन बाद मैं अपने मायके चली गई। इस बीच उन्होंने मुझे कोई कॉल या मैसेज नहीं किया और ना ही मुझसे मिलने आए। मैंने पति को फोन किया और कहा कि वह मुझसे मिलने क्यों नहीं आए? उन्होंने कहा कि मुझसे कोई मतलब नहीं है। कुछ दिन बाद मैं खुद ही अपने ससुराल गई। वहां जाकर मेरा अपने पति से झगड़ा हुआ, जिसके बाद मैं फिर अपने मायके चली आई। जेठानी से पता चला कि मेरे पति का दिमाग कमजोर है पीड़िता ने बताया कि, मेरे मायके रहने पर मेरी मां ने मुझसे सवाल किया कि अभी शादी के 3 महीने ही बीते हैं और तुम करीब 2 महीने से मायके क्यों है। क्या तेरे ससुराल वाले कुछ बोलते नहीं है? तो कुछ दिन बाद मैं वापस अपने ससुराल गई।’ संबंध बनाने के लिए मेरे पति ने खाई थी दवाई एक दिन मैंने अपने पति से कहा कि सब पूछते हैं कि मिठाई कब खिलाओगी? इस पर मेरे पति ने कहा कि मेरे नसीब में बच्चा नहीं है। इस बात पर मैं सारी रात रोई और मेरे पति दूसरी तरफ मुंह करके सो गए। मुझे सुसाइड का ख्याल आता था। लेकिन मैं अपने मां-बाप का सोच कर रुक जाती थी। मैं हर दिन घुट-घुट कर जीने लगी। फिर महिला ने पति से कहा कि, ‘ऐसे तो आपसे संबंध बनता नहीं है। आज दवा खाकर भी संबंध नहीं बना पाए। जब आप सब जानते थे कि आप मुझे किसी तरह की खुशी नहीं दे पाएंगे तो मुझसे शादी करके मेरी जिंदगी क्यों बर्बाद की। मुझे आपकी परेशानी के बारे में अपने मां-बाप को बताने में भी शर्म आती है। मैं बस उनके सामने झूठी हंसी हंसती हूं।’ शादी के 1.5 साल बाद बेटा हुआ इस दिन के बाद अक्सर पति-पत्नी के बीच लड़ाई होती रहती थी। महिला ने अपने पति से एक दिन कह दिया कि, ‘मुझे तलाक दे दीजिए तो उन्होंने कहा कि वह मुझे नहीं छोड़ेंगे। मैं खुद उन्हें छोड़ कर चली जाऊं’। महिला ने आगे बताया कि, एक दिन मुझे अचानक पता चला कि मै प्रेग्नेंट थी। मैं बहुत खुश हुई, क्योंकि मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं कभी मां बन सकूंगी। मुझे लगा कि कोई चमत्कार हो गया है। सभी लोग बहुत खुश थे कि मैं शादी के 1 साल के बाद मां बनने वाली हूं। 9 महीने बाद मैंने एक बेटे को जन्म दिया। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद मैं अपने मायके ही रहने लगी।’ मदरसे में तलाक की तारीख तय की गई पत्नी का कहना है कि, 6 महीने बाद मैं अपने बच्चे को लेकर ससुराल गई। मेरी जेठानी ने मुझसे अच्छा व्यवहार नहीं किया और कहा कि मैं और मेरा पति उस घर में नौकर है।इसके बाद मेरे जेठ को फोन कर बुलाया गया। मेरे घर वालों ने मदरसे में तलाक की तारीख तय की गई। दोनों पक्ष के लोग आए और सारी बातें सामने रखी गई। मैंने जब अपनी बात बताई तो सभी ने कहा कि मेरे साथ गलत हुआ है। मेरे पति ने भी मेरी बात पर हामी भरी और मेरे जेठ ने अपनी गलती मानकर एक मौका मांगा। सभी ने मुझे एक मौका देने के लिए कहा। मैं भी एक मौका देने के लिए राजी हो गई। चार दिन बाद मेरे पति मुझे मायके से लेने आए। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला, बाद में फिर वही हाल हो गया। मेरे पति मुझसे बात नहीं करते थे। ऐसे करते हुए 6 महीने बीत गए और फिर मैंने अपने मायके वालों को सारी बात बताई। महिला ने अपने जेठ से कहा कि मौका मांगने पर दिया, लेकिन कुछ भी ठीक नहीं हुआ। अब वह अगर वापस अपने मायके जाएगी तो फिर कभी वापस नहीं आएगी। उन्होंने भी मुझसे कहा कि जो करना है कर लो।’ फिर मैं अपने मायके चली आई। मेरे पिता मदरसे में तलाक के लिए तारीख लेने गए। वहां पर उन्हें आयोग में जाने की सलाह दी गई और इसके बाद में महिला आयोग पहुंची हूं।’ पति बोले- पत्नी से दूर नहीं रह सकता दूसरी ओर पति का कहना है कि, मैं अपनी पत्नी को तलाक नहीं देना चाहता हूं। हम लोग तीन भाई हैं और तीनों का अलग-अलग खाना बनता है। फार्मा करवाया है, ताकि एक दवा का दुकान खुले और हमारी आमदनी बढ़े। जब मैं अपने बेटे से मिलने अपने ससुराल गया तो उसने चाकू दिखा कर कहा कि वह मुझे पुलिस से पकड़वा देगी। मैं डर के वहां से भाग गया। 2 फरवरी को इस मामले की अगली सुनवाई बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि, लड़की का पति दवा दुकान में काम करता है। पत्नी का कहना है कि उसका पति उसमें इंटरेस्ट नहीं लेता है, इसलिए वह उससे अलग होना चाहती है। मगर हमने उन्हें समझाया है कि, एक बेटा है तो दोनों पति-पत्नी को साथ ही रहना चाहिए। पहले परिवार बसाने के बारे में सोचना चाहिए। मगर वह तलाक लेने पर ही अड़ी रही। हालांकि दोनों को सोचने समझने का वक्त दिया गया है और इस मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी।  

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