राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और भारत सरकार के पूर्व मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा है कि यदि एनडीए को सत्ता अचानक या किसी विशेष परिस्थिति में मिली है, तो उसे सबसे पहले जनविश्वास जीतने का काम करना चाहिए। उन्होंने सस्ती लोकप्रियता के लिए हल्की बयानबाजी से बचने और जनता की वास्तविक समस्याओं पर गंभीर चर्चा करने की सलाह दी। जयप्रकाश नारायण यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का यह कहना कि ‘यदि सड़क पर गड्ढे हैं तो बताइए, इनाम मिलेगा’, उसकी मूल जिम्मेदारी से बचना है। उन्होंने जोर दिया कि जनता क्यों बताए कि कहां समस्या है, सरकार को खुद जमीनी स्तर पर हालात की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने जनसमस्याओं को लेकर सरकार की चुप्पी को लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताया। बलात्कार और लूट जैसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी
राजद नेता ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार में लोकतंत्र कमजोर हुआ है और पूरी सरकारी मशीनरी अपने ढंग से काम कर रही है। उन्होंने बिहार में हत्या, बलात्कार और लूट जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि का जिक्र किया। साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के वादे अब तक पूरे न होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से जनता की आवाज बुलंद की जाएगी। सड़क को सुनसान नहीं रहने दिया जाएगा
जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा कि भले ही उनकी पार्टी संसद में संख्याबल में कमजोर रही हो, लेकिन सड़क को सुनसान नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि जनसमस्याओं और समाज के सभी वर्गों के हितों को लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष की शुरुआत जल्द ही की जाएगी। संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला हो रहा
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 24 फरवरी को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती जिला मुख्यालय में ‘संकल्प कार्यक्रम’ के रूप में मनाई जाएगी। यादव ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला हो रहा है और उन्हें कमजोर किया जा रहा है। राजद नेता ने बताया कि आगामी विधानसभा सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, स्पेशल पैकेज, महिलाओं को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का वादा और युवाओं को नौकरी जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। यह बातें उन्होंने रविवार को सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और भारत सरकार के पूर्व मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा है कि यदि एनडीए को सत्ता अचानक या किसी विशेष परिस्थिति में मिली है, तो उसे सबसे पहले जनविश्वास जीतने का काम करना चाहिए। उन्होंने सस्ती लोकप्रियता के लिए हल्की बयानबाजी से बचने और जनता की वास्तविक समस्याओं पर गंभीर चर्चा करने की सलाह दी। जयप्रकाश नारायण यादव ने बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का यह कहना कि ‘यदि सड़क पर गड्ढे हैं तो बताइए, इनाम मिलेगा’, उसकी मूल जिम्मेदारी से बचना है। उन्होंने जोर दिया कि जनता क्यों बताए कि कहां समस्या है, सरकार को खुद जमीनी स्तर पर हालात की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने जनसमस्याओं को लेकर सरकार की चुप्पी को लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय बताया। बलात्कार और लूट जैसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी
राजद नेता ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार में लोकतंत्र कमजोर हुआ है और पूरी सरकारी मशीनरी अपने ढंग से काम कर रही है। उन्होंने बिहार में हत्या, बलात्कार और लूट जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि का जिक्र किया। साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार और नौकरी के वादे अब तक पूरे न होने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर बड़ी लड़ाई लड़ी जाएगी और धरना-प्रदर्शन के माध्यम से जनता की आवाज बुलंद की जाएगी। सड़क को सुनसान नहीं रहने दिया जाएगा
जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा कि भले ही उनकी पार्टी संसद में संख्याबल में कमजोर रही हो, लेकिन सड़क को सुनसान नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि जनसमस्याओं और समाज के सभी वर्गों के हितों को लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष की शुरुआत जल्द ही की जाएगी। संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला हो रहा
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि 24 फरवरी को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती जिला मुख्यालय में ‘संकल्प कार्यक्रम’ के रूप में मनाई जाएगी। यादव ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला हो रहा है और उन्हें कमजोर किया जा रहा है। राजद नेता ने बताया कि आगामी विधानसभा सत्र में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बिहार को विशेष राज्य का दर्जा, स्पेशल पैकेज, महिलाओं को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का वादा और युवाओं को नौकरी जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। यह बातें उन्होंने रविवार को सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कहीं।


