भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मौनी अमावस्या पर श्रद्धा और आस्था क नजारा देखने को मिला। सुबह से ही पवित्र उत्तर वाहिनी गंगा में स्नान करने के लिए स्थानीय के साथ-साथ मिथिला क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। ‘हर-हर गंगा’ और ‘जय अजगैबीनाथ’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण कर गंगा स्नान करने से दस जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर दान-पुण्य किया और कुछ देर मौन रहकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद हजारों की संख्या में कांवरियों ने गंगाजल भरकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए अपनी कांवर यात्रा आरंभ की। सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। गंगा किनारे बांस की बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालु गहरे पानी में न जा सकें। साथ ही एसडीआरएफ की टीम को घाट पर तैनात किया गया है, जो नावों के माध्यम से लगातार गश्त कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर डटे रहे। गंगा घाट पर जगह-जगह पुलिस बल और ग्राम रक्षा दल के जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन का विशेष ध्यान इस बात पर है कि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से गंगा स्नान कर कांवर में जल भर सकें और बिना किसी परेशानी के अपनी आगे की यात्रा पर निकल सकें। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में मौनी अमावस्या पर श्रद्धा और आस्था क नजारा देखने को मिला। सुबह से ही पवित्र उत्तर वाहिनी गंगा में स्नान करने के लिए स्थानीय के साथ-साथ मिथिला क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। ‘हर-हर गंगा’ और ‘जय अजगैबीनाथ’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण कर गंगा स्नान करने से दस जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर दान-पुण्य किया और कुछ देर मौन रहकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद हजारों की संख्या में कांवरियों ने गंगाजल भरकर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए अपनी कांवर यात्रा आरंभ की। सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। गंगा किनारे बांस की बैरिकेडिंग की गई है, ताकि श्रद्धालु गहरे पानी में न जा सकें। साथ ही एसडीआरएफ की टीम को घाट पर तैनात किया गया है, जो नावों के माध्यम से लगातार गश्त कर रही है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पूरी मुस्तैदी के साथ मौके पर डटे रहे। गंगा घाट पर जगह-जगह पुलिस बल और ग्राम रक्षा दल के जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन का विशेष ध्यान इस बात पर है कि श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से गंगा स्नान कर कांवर में जल भर सकें और बिना किसी परेशानी के अपनी आगे की यात्रा पर निकल सकें। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, निर्धारित घाटों पर ही स्नान करें।


