बर्थ-डे के दिन 6 साल के बच्चे की मौत:घर से 100 मीटर दूर पोखर में डूब गया, खाना खिलाने के लिए इंतजार करती रही मां

बर्थ-डे के दिन 6 साल के बच्चे की मौत:घर से 100 मीटर दूर पोखर में डूब गया, खाना खिलाने के लिए इंतजार करती रही मां

दरभंगा में शनिवार को 6 साल की बच्चे की पोखर में डूबकर मौत हो गई। वो घर से खेलने के लिए निकला था। 100 मीटर दूर खेलते-खेलते पोखर के पास पहुंच गया और उसके साथ हादसा हो गया। मृतक माखनपुर निवासी उमेश मंडल का बेटा आकाश मंडल है। शव का पोस्टमॉर्टम रविवार को कराया गया है। आकाश की मां ने कहा, ‘बेटे को खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी। खेलने के लिए निकल गया। हमलोगों ने सोचा कि खेलकर आएगा तो खाना खिलाऊंगी, पर वो नहीं आया। पता चला कि पोखर में डूब गया है। मेरा इकलौता बेटा था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उसी दिन उसका जन्मदिन था। भगवान ने बेटा छीन लिया, अब 2 बेटियां हैं।’ घटना एपीएम थाना क्षेत्र के माखनपुर गांव की है। खोजबीन के लिए निकले ग्रामीणों को उपलाती मिली लाश बच्चे की खोजबीन करते ग्रामीण और परिजन पोखर के पास पहुंचे तो देखा आकाश की लाश पोखर में उपला रही है। जिसके बाद उसकी लाश को बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर डीएमसीएच पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चे की मौत से आकाश की दादी और मां काफी सदमे में हैं। बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। आसपास के लोग और रिश्तेदार घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इकलौते बेटे को खोने का गम परिवार सह नहीं पा रहा है। पोखर के पास ही खेलता था बच्चा मृतक के चाचा राकेश मंडल ने बताया कि आकाश अक्सर पोखर के पास खेलने जाता था, लेकिन हर बार सुरक्षित लौट आता था। जब हम लोग खोजते-खोजते पोखर पर पहुंचे तो देखा कि उसका शव पानी में उपला रहा है। लकड़ी के सहारे बाहर निकाला गया। वह हमारे भाई का इकलौता बेटा था, अब परिवार में सिर्फ दो बेटियां बची हैं। सरकार से पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की गई है। चाचा राकेश मंडल ने कहा कि परिवार बेहद गरीब है और इकलौते बेटे की मौत से मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की बड़ी क्षति हुई है। दरभंगा में शनिवार को 6 साल की बच्चे की पोखर में डूबकर मौत हो गई। वो घर से खेलने के लिए निकला था। 100 मीटर दूर खेलते-खेलते पोखर के पास पहुंच गया और उसके साथ हादसा हो गया। मृतक माखनपुर निवासी उमेश मंडल का बेटा आकाश मंडल है। शव का पोस्टमॉर्टम रविवार को कराया गया है। आकाश की मां ने कहा, ‘बेटे को खाना खाने के लिए कहा था, लेकिन उसने मेरी बात नहीं मानी। खेलने के लिए निकल गया। हमलोगों ने सोचा कि खेलकर आएगा तो खाना खिलाऊंगी, पर वो नहीं आया। पता चला कि पोखर में डूब गया है। मेरा इकलौता बेटा था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उसी दिन उसका जन्मदिन था। भगवान ने बेटा छीन लिया, अब 2 बेटियां हैं।’ घटना एपीएम थाना क्षेत्र के माखनपुर गांव की है। खोजबीन के लिए निकले ग्रामीणों को उपलाती मिली लाश बच्चे की खोजबीन करते ग्रामीण और परिजन पोखर के पास पहुंचे तो देखा आकाश की लाश पोखर में उपला रही है। जिसके बाद उसकी लाश को बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही एपीएम थानाध्यक्ष संजीत कुमार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर डीएमसीएच पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चे की मौत से आकाश की दादी और मां काफी सदमे में हैं। बार-बार बेहोश हो जा रही हैं। आसपास के लोग और रिश्तेदार घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इकलौते बेटे को खोने का गम परिवार सह नहीं पा रहा है। पोखर के पास ही खेलता था बच्चा मृतक के चाचा राकेश मंडल ने बताया कि आकाश अक्सर पोखर के पास खेलने जाता था, लेकिन हर बार सुरक्षित लौट आता था। जब हम लोग खोजते-खोजते पोखर पर पहुंचे तो देखा कि उसका शव पानी में उपला रहा है। लकड़ी के सहारे बाहर निकाला गया। वह हमारे भाई का इकलौता बेटा था, अब परिवार में सिर्फ दो बेटियां बची हैं। सरकार से पीड़ित परिवार को आपदा राहत के तहत मुआवजा देने की मांग की गई है। चाचा राकेश मंडल ने कहा कि परिवार बेहद गरीब है और इकलौते बेटे की मौत से मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की बड़ी क्षति हुई है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *