उग्रतारा मंदिर-मंडन मिश्र धाम में 18 जनवरी से पाइलिंग कार्य:पर्यटकीय विकास को मिली रफ्तार, अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई का निर्देश

उग्रतारा मंदिर-मंडन मिश्र धाम में 18 जनवरी से पाइलिंग कार्य:पर्यटकीय विकास को मिली रफ्तार, अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई का निर्देश

सहरसा के श्री उग्रतारा मंदिर और मंडन मिश्र धाम के पर्यटन विकास को गति मिली है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। जिलाधिकारी ने कार्य एजेंसी को तत्काल निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। एजेंसी ने बताया कि सभी आवश्यक निर्माण सामग्री 17 जनवरी की रात तक कार्यस्थल पर पहुंच जाएगी, जिसके बाद बिना किसी देरी के काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन ने निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने को प्राथमिकता बताया। अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई का निर्देश पर्यटन स्थल के आसपास मौजूद अतिक्रमण पर भी सख्त रुख अपनाया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कार्यस्थल से अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। शौचालय की जगह बदलने का निर्णय बैठक में विवाह भवन के सामने प्रस्तावित शौचालय की जगह बदलने का भी निर्णय लिया गया। श्रद्धालुओं और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। परिसर के सौंदर्यीकरण पर जोर देते हुए पुराने यात्री शेड के पेंट और रंग-रोगन का भी निर्देश दिया गया। प्रशासन ने 18 जनवरी 2026 से प्रसाद भवन के पाइलिंग कार्य को शुरू कराने का स्पष्ट निर्देश दिया है। इस कार्य से मंदिर परिसर में आधारभूत संरचना के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, पुराने यात्री शेड के सामने स्थित पुराने कैफेटेरिया को हटाने का फैसला लिया गया, ताकि परिसर को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा सके। विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित बैठक में अपर समाहर्ता निशांत सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन का मानना है कि इन निर्णयों के क्रियान्वयन से उग्रतारा मंदिर एवं मंडन मिश्र धाम का समग्र विकास होगा और यह स्थल भविष्य में श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा। सहरसा के श्री उग्रतारा मंदिर और मंडन मिश्र धाम के पर्यटन विकास को गति मिली है। जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। जिलाधिकारी ने कार्य एजेंसी को तत्काल निर्माण कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। एजेंसी ने बताया कि सभी आवश्यक निर्माण सामग्री 17 जनवरी की रात तक कार्यस्थल पर पहुंच जाएगी, जिसके बाद बिना किसी देरी के काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रशासन ने निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा करने को प्राथमिकता बताया। अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई का निर्देश पर्यटन स्थल के आसपास मौजूद अतिक्रमण पर भी सख्त रुख अपनाया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को कार्यस्थल से अतिक्रमण हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। शौचालय की जगह बदलने का निर्णय बैठक में विवाह भवन के सामने प्रस्तावित शौचालय की जगह बदलने का भी निर्णय लिया गया। श्रद्धालुओं और आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। परिसर के सौंदर्यीकरण पर जोर देते हुए पुराने यात्री शेड के पेंट और रंग-रोगन का भी निर्देश दिया गया। प्रशासन ने 18 जनवरी 2026 से प्रसाद भवन के पाइलिंग कार्य को शुरू कराने का स्पष्ट निर्देश दिया है। इस कार्य से मंदिर परिसर में आधारभूत संरचना के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, पुराने यात्री शेड के सामने स्थित पुराने कैफेटेरिया को हटाने का फैसला लिया गया, ताकि परिसर को अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाया जा सके। विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित बैठक में अपर समाहर्ता निशांत सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन का मानना है कि इन निर्णयों के क्रियान्वयन से उग्रतारा मंदिर एवं मंडन मिश्र धाम का समग्र विकास होगा और यह स्थल भविष्य में श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *