जमुई में मोरा बालू घाट विवाद पर सांसद का घेराव:ग्रामीणों ने सिंचाई बाधित होने का लगाया आरोप, 20 मिनट तक दोनों पक्षों में बहस

जमुई में मोरा बालू घाट विवाद पर सांसद का घेराव:ग्रामीणों ने सिंचाई बाधित होने का लगाया आरोप, 20 मिनट तक दोनों पक्षों में बहस

जमुई में जिला स्तरीय दिशा बैठक के बाद समाहरणालय स्थित जिला संवाद कक्ष में मौरा गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने सांसद अरुण भारती का घेराव कर लिया। ग्रामीण मोरा बालू घाट से हो रहे अनियंत्रित बालू उठाव का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू उठाव मानकों के विपरीत हो रहा है। बड़े पैमाने पर बालू का स्टॉक करने से नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। इसके कारण पेन से निकलने वाला पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। किसानों को सिंचाई के लिए नहीं मिल रहा पानी ग्रामीण शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए इस समय सिंचाई अत्यंत आवश्यक है, लेकिन बालू घाट के कारण किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। पूर्व मुखिया कांता प्रसाद सिंह ने 11 जनवरी को दिए गए आश्वासन पर सवाल उठाते हुए तत्काल बालू उठाव पर रोक लगाने और पहले सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करेंगे। जवाब में सांसद अरुण भारती ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने ग्रामीणों से रिपोर्ट आने तक धैर्य रखने का आग्रह किया। 20 मिनट तक दोनों पक्षों में बहस हालांकि, ग्रामीण तत्काल बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग पर अड़े रहे। लगभग 20 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस चली। सांसद ने अंततः दोहराया कि जांच के बाद दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जमुई में जिला स्तरीय दिशा बैठक के बाद समाहरणालय स्थित जिला संवाद कक्ष में मौरा गांव के दर्जनों ग्रामीणों ने सांसद अरुण भारती का घेराव कर लिया। ग्रामीण मोरा बालू घाट से हो रहे अनियंत्रित बालू उठाव का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू उठाव मानकों के विपरीत हो रहा है। बड़े पैमाने पर बालू का स्टॉक करने से नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। इसके कारण पेन से निकलने वाला पानी खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। किसानों को सिंचाई के लिए नहीं मिल रहा पानी ग्रामीण शैलेश कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल के लिए इस समय सिंचाई अत्यंत आवश्यक है, लेकिन बालू घाट के कारण किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। पूर्व मुखिया कांता प्रसाद सिंह ने 11 जनवरी को दिए गए आश्वासन पर सवाल उठाते हुए तत्काल बालू उठाव पर रोक लगाने और पहले सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करेंगे। जवाब में सांसद अरुण भारती ने कहा कि उन्होंने जिलाधिकारी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन्होंने ग्रामीणों से रिपोर्ट आने तक धैर्य रखने का आग्रह किया। 20 मिनट तक दोनों पक्षों में बहस हालांकि, ग्रामीण तत्काल बालू उठाव पर रोक लगाने की मांग पर अड़े रहे। लगभग 20 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस चली। सांसद ने अंततः दोहराया कि जांच के बाद दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।  

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