संविदा कर्मियों को 6 माह से नहीं मिला वेतन:सहरसा कृषि महाविद्यालय में 19 जनवरी से करेंगे हड़ताल, आमरण अनशन की दी चेतावनी

संविदा कर्मियों को 6 माह से नहीं मिला वेतन:सहरसा कृषि महाविद्यालय में 19 जनवरी से करेंगे हड़ताल, आमरण अनशन की दी चेतावनी

सहरसा के अगवानपुर स्थित मंडन भारती कृषि महाविद्यालय के संविदा कर्मियों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन भुगतान न होने से आक्रोशित कर्मियों ने 19 जनवरी से सामूहिक हड़ताल और आमरण अनशन की चेतावनी दी है। संविदा कर्मियों के संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार और मनोज कुमार सहित अन्य कर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि छह महीने से वेतन न मिलने के कारण उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आर्थिक तंगी के कारण बीते वर्ष दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे त्योहार भी उनके परिवारों के लिए फीके रहे। लिखित आवेदन देने के बाद भी नहीं हुआ भुगतान कर्मियों ने बताया कि वेतन भुगतान के लिए 24 दिसंबर 2025 को सबौर स्थित नियंत्रक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया गया था और लिखित आवेदन भी सौंपा गया, लेकिन केवल आश्वासन मिला। इसके बाद 9 जनवरी 2026 को सामूहिक रूप से पुनः लिखित अनुरोध दिया गया, बावजूद इसके अब तक भुगतान नहीं हो सका है। संविदा कर्मियों का आरोप है कि महाविद्यालय में कार्यरत सभी स्थायी कर्मियों का वेतन नियमित रूप से हर माह भुगतान किया जा रहा है, जबकि संविदा कर्मियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। अधिकांश संविदा कर्मी गरीब परिवारों से आते हैं, जिससे छह माह से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों को विद्यालय से निकाले जाने की नौबत कर्मियों ने बताया कि इस स्थिति का सीधा असर उनके परिवारों पर पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल फीस जमा न होने के कारण कई बच्चों को विद्यालय से निकाले जाने की नौबत आ गई है। बुजुर्ग माता-पिता के इलाज में भी कठिनाइयां आ रही हैं। ठंड के मौसम में बच्चों के लिए गर्म कपड़े भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। संविदा कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि यदि 19 जनवरी तक वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक हड़ताल के साथ आमरण अनशन पर बैठेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उल्लेखनीय है कि मंडन भारती कृषि महाविद्यालय में कुल 37 संविदा कर्मी कार्यरत हैं, जिनका वेतन पिछले छह महीनों से लंबित है। सहरसा के अगवानपुर स्थित मंडन भारती कृषि महाविद्यालय के संविदा कर्मियों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन भुगतान न होने से आक्रोशित कर्मियों ने 19 जनवरी से सामूहिक हड़ताल और आमरण अनशन की चेतावनी दी है। संविदा कर्मियों के संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार और मनोज कुमार सहित अन्य कर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि छह महीने से वेतन न मिलने के कारण उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आर्थिक तंगी के कारण बीते वर्ष दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे त्योहार भी उनके परिवारों के लिए फीके रहे। लिखित आवेदन देने के बाद भी नहीं हुआ भुगतान कर्मियों ने बताया कि वेतन भुगतान के लिए 24 दिसंबर 2025 को सबौर स्थित नियंत्रक कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया गया था और लिखित आवेदन भी सौंपा गया, लेकिन केवल आश्वासन मिला। इसके बाद 9 जनवरी 2026 को सामूहिक रूप से पुनः लिखित अनुरोध दिया गया, बावजूद इसके अब तक भुगतान नहीं हो सका है। संविदा कर्मियों का आरोप है कि महाविद्यालय में कार्यरत सभी स्थायी कर्मियों का वेतन नियमित रूप से हर माह भुगतान किया जा रहा है, जबकि संविदा कर्मियों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। अधिकांश संविदा कर्मी गरीब परिवारों से आते हैं, जिससे छह माह से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बच्चों को विद्यालय से निकाले जाने की नौबत कर्मियों ने बताया कि इस स्थिति का सीधा असर उनके परिवारों पर पड़ रहा है। बच्चों की स्कूल फीस जमा न होने के कारण कई बच्चों को विद्यालय से निकाले जाने की नौबत आ गई है। बुजुर्ग माता-पिता के इलाज में भी कठिनाइयां आ रही हैं। ठंड के मौसम में बच्चों के लिए गर्म कपड़े भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। संविदा कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि यदि 19 जनवरी तक वेतन भुगतान नहीं किया गया, तो वे सामूहिक हड़ताल के साथ आमरण अनशन पर बैठेंगे। जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। उल्लेखनीय है कि मंडन भारती कृषि महाविद्यालय में कुल 37 संविदा कर्मी कार्यरत हैं, जिनका वेतन पिछले छह महीनों से लंबित है।  

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