हाईस्कूल शिक्षक… सेवा कन्फर्म करने में लापरवाही पर विभाग सख्त, जिलों को 15 दिन का अल्टीमेटम

हाईस्कूल शिक्षक… सेवा कन्फर्म करने में लापरवाही पर विभाग सख्त, जिलों को 15 दिन का अल्टीमेटम

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा संपुष्टि को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने के बावजूद शिक्षकों की सेवा संपुष्टि नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने 15 दिनों के भीतर सभी लंबित मामलों में कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस खबर को दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। निदेशालय द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जिलों द्वारा अब तक कार्रवाई पूरी नहीं की गई, जिसे निदेशक ने गंभीर विषय बताया है। झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव रवींद्र प्रसाद सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष यशवंत विजय ने निदेशक के प्रति आभार व्यक्त किया है। नियम के अनुसार शिक्षक की नियुक्ति के बाद अधिकतम दो वर्ष की प्रोबेशन अवधि होती है। इस अवधि में सेवा संतोषजनक पाए जाने पर शिक्षक की सेवा स्थायी (कन्फर्म) की जानी चाहिए। इसके बावजूद, न तो किसी शिक्षक के विरुद्ध कोई विभागीय जांच लंबित है और न ही किसी न्यायालय से स्टे प्राप्त है, फिर भी सेवा संपुष्टि की प्रक्रिया लंबित है। भेजे गए पत्र में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सेवा संपुष्टि से संबंधित सभी लंबित मामलों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निष्पादित करें। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा की गई कार्रवाई से निदेशालय को अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया है। इससे पहले हाईस्कूल शिक्षकों के कंफर्मेशन को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों को पत्र लिखकर कंफर्म होने वाले शिक्षकों की सूची मांगी थी। इसके बावजूद अधिकांश जिलों ने अब तक सूची नहीं भेजी है। इससे साफ है कि मामला जिला स्तर पर ही अटका हुआ है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा संपुष्टि को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र जारी कर स्पष्ट किया है कि दो वर्ष की सेवा अवधि पूरी होने के बावजूद शिक्षकों की सेवा संपुष्टि नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने 15 दिनों के भीतर सभी लंबित मामलों में कार्रवाई पूरी कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इस खबर को दैनिक भास्कर में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। निदेशालय द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने के बावजूद जिलों द्वारा अब तक कार्रवाई पूरी नहीं की गई, जिसे निदेशक ने गंभीर विषय बताया है। झारखंड राज्य माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव रवींद्र प्रसाद सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष यशवंत विजय ने निदेशक के प्रति आभार व्यक्त किया है। नियम के अनुसार शिक्षक की नियुक्ति के बाद अधिकतम दो वर्ष की प्रोबेशन अवधि होती है। इस अवधि में सेवा संतोषजनक पाए जाने पर शिक्षक की सेवा स्थायी (कन्फर्म) की जानी चाहिए। इसके बावजूद, न तो किसी शिक्षक के विरुद्ध कोई विभागीय जांच लंबित है और न ही किसी न्यायालय से स्टे प्राप्त है, फिर भी सेवा संपुष्टि की प्रक्रिया लंबित है। भेजे गए पत्र में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सेवा संपुष्टि से संबंधित सभी लंबित मामलों को 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से निष्पादित करें। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय द्वारा की गई कार्रवाई से निदेशालय को अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया है। इससे पहले हाईस्कूल शिक्षकों के कंफर्मेशन को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों को पत्र लिखकर कंफर्म होने वाले शिक्षकों की सूची मांगी थी। इसके बावजूद अधिकांश जिलों ने अब तक सूची नहीं भेजी है। इससे साफ है कि मामला जिला स्तर पर ही अटका हुआ है।  

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