नेउरा के बीच रेल निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य जटडुमरी-दनियावां-नवादा नई रेललाइन पर पैसेंजर ट्रेनों का ट्रायल सफल हो गया है। इसके बाद पटना-नवादा और पटना-इस्लामपुर के बीच चार पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन होने लगा है। रोज करीब 10 हजार यात्रियों को सुविधा मिल रही है। यह नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-बरबीघा-शेखपुरा नई रेललाइन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। जटडुमरी-दनियावां रेललाइन 24 किमी लंबी है। सीआरएस की टीम ने जांच करके वर्ष 2024 में ही ट्रेन परिचालन की हरी झंडी दे दी थी। अब जटडुमरी से नेउरा के बीच 18.2 किमी रेललाइन निर्माण मार्च तक पूरा होगा। नेउरा से शेखपुरा तक प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन होगा। बिहटा से पटना जंक्शन होते किऊल तक जाने वाली 150 से अधिक मालगाड़ी को नई रेललाइन पर शिफ्ट किया जाएगा। पूर्व मध्य रेल सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि जटडुमरी से नेउरा के बीच रेल निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जटडुमरी-दनियावां तक नई रेललाइन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इन स्टेशनों और हॉल्ट पर ठहराव परसा, मोहली, पुनपुन, जटडुमरी, मरांची, बीजु बीघा, फजलचक, ग्वासपुर, टाप सरथुआ, दनियावां, सिंगरियावां, लोहंडा आदि। इस प्रोजेक्ट के फायदे नेउरा के बीच रेल निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य जटडुमरी-दनियावां-नवादा नई रेललाइन पर पैसेंजर ट्रेनों का ट्रायल सफल हो गया है। इसके बाद पटना-नवादा और पटना-इस्लामपुर के बीच चार पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन होने लगा है। रोज करीब 10 हजार यात्रियों को सुविधा मिल रही है। यह नेउरा-दनियावां-बिहारशरीफ-बरबीघा-शेखपुरा नई रेललाइन प्रोजेक्ट का हिस्सा है। जटडुमरी-दनियावां रेललाइन 24 किमी लंबी है। सीआरएस की टीम ने जांच करके वर्ष 2024 में ही ट्रेन परिचालन की हरी झंडी दे दी थी। अब जटडुमरी से नेउरा के बीच 18.2 किमी रेललाइन निर्माण मार्च तक पूरा होगा। नेउरा से शेखपुरा तक प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन होगा। बिहटा से पटना जंक्शन होते किऊल तक जाने वाली 150 से अधिक मालगाड़ी को नई रेललाइन पर शिफ्ट किया जाएगा। पूर्व मध्य रेल सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि जटडुमरी से नेउरा के बीच रेल निर्माण कार्य मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जटडुमरी-दनियावां तक नई रेललाइन का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इन स्टेशनों और हॉल्ट पर ठहराव परसा, मोहली, पुनपुन, जटडुमरी, मरांची, बीजु बीघा, फजलचक, ग्वासपुर, टाप सरथुआ, दनियावां, सिंगरियावां, लोहंडा आदि। इस प्रोजेक्ट के फायदे


