पटना नगर निगम द्वारा योजनाओं को जमीन पर उतारने को लेकर कई स्तरों पर परेशानी शुरू हो गई है। वार्डों में नाली-गली से लेकर स्ट्रीट लाइट की दिक्कत को सुलझाने के लिए विधानसभा चुनाव से पहले 19 वार्डों में आपका शहर-आपकी बात के तहत जनसंवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान जर्जर सड़क, जलापूर्ति और मैनहोल-ड्रेनेज की बड़ी संख्या में समस्याएं आईं। लेकिन, अबतक इसपर नगर निगम ने कोई ध्यान नहीं दिया है। जनता और पार्षदों से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद डिप्टी मेयर रेशमी कुमारी ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर इसपर कार्यवाही करने को कहा है। पत्राचार के इस वाकये से नगर सरकार में फिर से राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। कहा जाने लगा है कि जब डिप्टी मेयर की बात नहीं सुनी जा रही है, तो पार्षदों की बात पर कौन ध्यान देगा? जबकि डिप्टी मेयर तो सशक्त स्थायी समिति के साथ ही सभी महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होती हैं। बावजूद उनको पत्र लिखकर अपनी बात रखने की मजबूरी हो रही है। इससे साफ पता चलता है कि मेयर-डिप्टी मेयर के साथ ही नगर आयुक्त के बीच तालमेल नहीं है। आमने-सामने बैठकों में नहीं सुनी गई बात डिप्टी मेयर ने बैठकों में मेयर सीता साहू और नगर आयुक्त से भी इस बारे में चर्चा की, लेकिन इसपर बहुत ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद मजबूर होकर डिप्टी मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। डिप्टी मेयर ने बताया कि मौखिक बोलने के बाद जब किसी ने ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने पत्र लिखा है। आगे भी लोगों की समस्याओं के बारे में मेयर और नगर आयुक्त को लगातार ध्यान दिलाने की बात उन्होंने कही। सभी वार्डों में विकास योजनाओं के लिए पार्षदों को 1-1 करोड़ देने की योजना है। इसको लेकर भी डिप्टी मेयर ने कई बार मेयर और नगर आयुक्त से बात की, फिर भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके लिए भी पत्र लिखकर उन्होंने अपनी बात रखी। इसके बाद स्थायी समिति की बैठक में 1-1 करोड़ की योजना को पास किया गया। पटना नगर निगम द्वारा योजनाओं को जमीन पर उतारने को लेकर कई स्तरों पर परेशानी शुरू हो गई है। वार्डों में नाली-गली से लेकर स्ट्रीट लाइट की दिक्कत को सुलझाने के लिए विधानसभा चुनाव से पहले 19 वार्डों में आपका शहर-आपकी बात के तहत जनसंवाद का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान जर्जर सड़क, जलापूर्ति और मैनहोल-ड्रेनेज की बड़ी संख्या में समस्याएं आईं। लेकिन, अबतक इसपर नगर निगम ने कोई ध्यान नहीं दिया है। जनता और पार्षदों से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद डिप्टी मेयर रेशमी कुमारी ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर इसपर कार्यवाही करने को कहा है। पत्राचार के इस वाकये से नगर सरकार में फिर से राजनीतिक हलचल शुरू हो गई है। कहा जाने लगा है कि जब डिप्टी मेयर की बात नहीं सुनी जा रही है, तो पार्षदों की बात पर कौन ध्यान देगा? जबकि डिप्टी मेयर तो सशक्त स्थायी समिति के साथ ही सभी महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होती हैं। बावजूद उनको पत्र लिखकर अपनी बात रखने की मजबूरी हो रही है। इससे साफ पता चलता है कि मेयर-डिप्टी मेयर के साथ ही नगर आयुक्त के बीच तालमेल नहीं है। आमने-सामने बैठकों में नहीं सुनी गई बात डिप्टी मेयर ने बैठकों में मेयर सीता साहू और नगर आयुक्त से भी इस बारे में चर्चा की, लेकिन इसपर बहुत ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद मजबूर होकर डिप्टी मेयर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा है। डिप्टी मेयर ने बताया कि मौखिक बोलने के बाद जब किसी ने ध्यान नहीं दिया तो उन्होंने पत्र लिखा है। आगे भी लोगों की समस्याओं के बारे में मेयर और नगर आयुक्त को लगातार ध्यान दिलाने की बात उन्होंने कही। सभी वार्डों में विकास योजनाओं के लिए पार्षदों को 1-1 करोड़ देने की योजना है। इसको लेकर भी डिप्टी मेयर ने कई बार मेयर और नगर आयुक्त से बात की, फिर भी ध्यान नहीं दिया गया। इसके लिए भी पत्र लिखकर उन्होंने अपनी बात रखी। इसके बाद स्थायी समिति की बैठक में 1-1 करोड़ की योजना को पास किया गया।


