राज्य में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था व अनुसंधान में तेजी लाने के साथ समय पर सुपरविजन के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। पूरे बिहार में पुलिस अंचलों के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत बिहार में 195 नए पुलिस सर्किल बनाने का प्रस्ताव है। फिलहाल, राज्य में 357 पुलिस सर्किल हैं। नए सर्किलों के गठन के बाद बिहार में कुल 552 पुलिस सर्किल हो जाएंगे। बिहार पुलिस मुख्यालय (मुख्यालय एवं बजट प्रभाग) की ओर से जारी पत्र के अनुसार, पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। डीआईजी प्रशासन ने पूरे बिहार में पुलिस अंचलों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को सभी क्षेत्रीय आईजी, डीआर्ईजी, एसएसपी व एसपी को भेजा है। विमर्श के बाद जल्द ही पुनर्गठन पर मुहर लगेगी। प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने पर पिछले कई वर्षों में बिहार पुलिस व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रशासनिक सुधार माना जाएगा। सुपरविजन के लिए पीड़ितों को पुलिस कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। दूरी घटने से बेहतर निगरानी होगी पुलिस सर्किल की संख्या बढ़ाने से आम जनता और पुलिस इंस्पेक्टर दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। अब पीड़ितों को अपनी शिकायत दर्ज कराने या न्याय की गुहार लगाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। नजदीकी सर्किल कार्यालय में ही उनकी सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। वहीं, सर्किल इंस्पेक्टर के लिए भी यह व्यवस्था काफी राहत देने वाली होगी। विधि-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना मिलने पर उन्हें दूर-दराज के इलाकों तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। सुपरविजन के लिए भी लंबी दूरी तक नहीं करनी होगी। कम क्षेत्रफल में निगरानी बेहतर होगी। पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सकेगा बहुत पहले बिहार में पुलिस अंचलों का पुनर्गठन होना चाहिए था। डीजीपी विनय कुमार का ने यह ऐतिहासिक पहल की है। इससे सबसे ज्यादा लाभ पीड़ितों को होगा। अनुसंधान में तेजी आएगी। केस डिस्पोजल का बोझ नहीं रहेगा। पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सकेगा। वर्तमान में कई सर्किल कार्यालय से थाने की दूरी 30 किलोमीटर तक है। इससे अनुसंधान पर नियंत्रण में कठिनाई होती है। पुलिस सर्किल की संख्या बढ़ने से औसतन दो-तीन थाने पर एक सर्किल इंस्पेक्टर होंगे। -अरविंद पांडेय, रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक राज्य में अपराध नियंत्रण, विधि-व्यवस्था व अनुसंधान में तेजी लाने के साथ समय पर सुपरविजन के लिए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। पूरे बिहार में पुलिस अंचलों के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके तहत बिहार में 195 नए पुलिस सर्किल बनाने का प्रस्ताव है। फिलहाल, राज्य में 357 पुलिस सर्किल हैं। नए सर्किलों के गठन के बाद बिहार में कुल 552 पुलिस सर्किल हो जाएंगे। बिहार पुलिस मुख्यालय (मुख्यालय एवं बजट प्रभाग) की ओर से जारी पत्र के अनुसार, पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। डीआईजी प्रशासन ने पूरे बिहार में पुलिस अंचलों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को सभी क्षेत्रीय आईजी, डीआर्ईजी, एसएसपी व एसपी को भेजा है। विमर्श के बाद जल्द ही पुनर्गठन पर मुहर लगेगी। प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगने पर पिछले कई वर्षों में बिहार पुलिस व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रशासनिक सुधार माना जाएगा। सुपरविजन के लिए पीड़ितों को पुलिस कार्यालयों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। दूरी घटने से बेहतर निगरानी होगी पुलिस सर्किल की संख्या बढ़ाने से आम जनता और पुलिस इंस्पेक्टर दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। अब पीड़ितों को अपनी शिकायत दर्ज कराने या न्याय की गुहार लगाने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। नजदीकी सर्किल कार्यालय में ही उनकी सुनवाई संभव हो सकेगी, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। वहीं, सर्किल इंस्पेक्टर के लिए भी यह व्यवस्था काफी राहत देने वाली होगी। विधि-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी घटना की सूचना मिलने पर उन्हें दूर-दराज के इलाकों तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। सुपरविजन के लिए भी लंबी दूरी तक नहीं करनी होगी। कम क्षेत्रफल में निगरानी बेहतर होगी। पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सकेगा बहुत पहले बिहार में पुलिस अंचलों का पुनर्गठन होना चाहिए था। डीजीपी विनय कुमार का ने यह ऐतिहासिक पहल की है। इससे सबसे ज्यादा लाभ पीड़ितों को होगा। अनुसंधान में तेजी आएगी। केस डिस्पोजल का बोझ नहीं रहेगा। पीड़ितों को जल्दी न्याय मिल सकेगा। वर्तमान में कई सर्किल कार्यालय से थाने की दूरी 30 किलोमीटर तक है। इससे अनुसंधान पर नियंत्रण में कठिनाई होती है। पुलिस सर्किल की संख्या बढ़ने से औसतन दो-तीन थाने पर एक सर्किल इंस्पेक्टर होंगे। -अरविंद पांडेय, रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक


