Protest : पांच घंटे सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, बारां-झालावाड़ हाईवे जाम

Protest : पांच घंटे सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन, बारां-झालावाड़ हाईवे जाम

बपावरकलां में बिजली के पोल पर चढकऱ काम करते समय करंट से झुलसे संविदाकर्मी की मौत के बाद शनिवार को परिजन एवं ग्रामीणों ने मुआवजे व नौकरी की मांग को लेकर सहायक अभियंता कार्यालय के बाहर शनिवार को शव रखकर प्रदर्शन किया। इस बीच परिजन एवं ग्रामीणों ने शव को सडक़ पर रखकर बारां-झालावाड़ हाइवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की समझाईश व परिजनों की मांगों पर सहमति बनने के बाद मामला शांत हुआ। करीब पांच घंटे तक पूरा घटनाक्रम चला।

उल्लेखनीय है कि विद्युत निगम का संविदाकर्मी हेमंत सुमन गत 4 जनवरी को शटडाउन लेकर बपावर थाने के सामने बिजली के पोल पर चढकऱ फाल्ट सही कर रहा था। इसी दौरान किसी कर्मचारी ने बिजली लाइन चालू कर दी। करंट का झटका लगने से हेमंत पोल से नीचे गिर गया। जिसे गंभीर हालत में बपावर अस्पताल से कोटा रैफर किया था। शुक्रवार को हेमंत की उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने थाने में भी शिकायत दर्ज करवाई थी।

फिर फूटा परिजनों का रोष

संविदाकर्मी हेमंत की मौत से गुस्साए परिजन शव लेकर शनिवार सुबह करीब 11 बजे बपावरकलां सहायक अभियंता कार्यालय पहुंचे। परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण भी शव के साथ धरना देकर बैठ गए। सूचना पर तहसीलदार जतीन दिनकर एवं पुलिस उप अधीक्षक नरेन्द्र जैन मौके पर पहुंचे और समझाईश की। परिजन और ग्रामीण मुआवजे व सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े रहे। दोपहर तक हल नहीं निकला।

फिर सडक़ पर रखा शव

ग्रामीण मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी एवं 50 लाख रुपए मुआवजे की मांग कर रहे थे। अधिकारी लगातार समझाईश में जुटे रहे, लेकिन हल नहीं निकला। कांग्रेस देहात जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह भी कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंचे। दोपहर बाद परिजन शव को कार्यालय से लेकर बारां-झालावाड़ मेगा हाईवे सडक़ पर आ गए और सडक़ पर जाम लगा दिया। जिससे वाहनों की कतार लग गई।

फिर बनी मांगों पर सहमति

इस बीच पांच घंटे तक अधिकारी परिजनों से समसझाईश में जुटे रहे। दोपहर बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामफूल भी मौके पर पहुंचे और परिजनों से चर्चा की। चर्चा के बाद मृतक की पत्नी को सीएचसी बपावर में संविदा पर नौकरी, आठ हजार रुपए प्रतिमाह पेंशन व पच्चीस लाख रुपए मुआवजे पर सहमति बनी। सहमति के बाद शाम चार बजे मामला शांत हुआ और परिजन हेमंत के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *