बैकुंठपुर। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित पटना में धान खरीदी कार्य में नियम का उल्लंघन और मनमाने तरीके से खरीदी करने वाले खरीदी प्रभारी नरेंद्र कुमार शर्मा को निलंबित (Paddy procurement) कर दिया गया है। सहकारिता एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम 15 जनवरी को पटना उपार्जन केंद्र का निरीक्षण करने पहुंची थी। इस दौरान खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से जारी धान खरीदी नीति के विपरीत कार्य करने की पुष्टि हुई।
अधिकारियों द्वारा दिए गए जांच प्रतिवेदन के आधार पर खरीदी प्रभारी (Paddy procurement) के खिलाफ कार्रवाई की गई। धान खरीदी प्रभारी नरेंद्र शर्मा को निलंबित कर सहायक पंजीयक सहकारिता कार्यालय बैकुंठपुर अटैच किया गया है। प्रभारी के निलंबन के साथ धान खरीदी की जिम्मेदारी रेखा जायसवाल लिपिक को सौंपी गई है।
उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल समस्त प्रभार ग्रहण कर धान खरीदी कार्य को संचालित करें। सहकारिता विभाग ने कहा है कि धान खरीदी में पारदर्शिता और किसानों (Paddy procurement) के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आगे भी अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब हे कि प्रशासनिक टीम ने 15 जनवरी को पटना उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण कर 105 बोरी धान बरामद किया था, जिसे जब्त धान को समिति को सौंपा गया था। जब्त धान (Paddy procurement) को मौजूदा विपणन सीजन 2025-26 के बारदाने भरकर लाए थे। जिससे धान खरीदी में मनमानी, गड़बड़ी, बारदाना वितरण सहित कई आरोप लगाए जा रहे हैं।
कोरिया में 97 हजार 572 टन धान खरीदी
कोरिया में 21 उपार्जन केंद्र (Paddy procurement) के माध्यम से अब तक 16816 किसानों से 97572 टन खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित है। इस बीच 18 से 31 जनवरी के बीच सिर्फ 9 दिन और खरीदी होगी। वहीं उठाव कराने को लेकर मिलर्स को 51325.20 टन डीओ(डिलीवरी ऑर्डर) जारी किया गया है। जिससे 21 उपार्जन केंद्र में 46246.56 टन धान शेष है।

Paddy procurement: एमसीबी में 70 हजार टन खरीदी
इधर एमसीबी में 13 हजार 3 पंजीकृत किसानों (Paddy procurement) से अब तक कुल 6.77 लाख क्विंटल (70102 टन) से अधिक धान खरीदी हो चुकी है। जिसमें से 1 लाख 43 हजार क्विंटल से अधिक धान का उठाव हुआ है।
जो कुल उपार्जित मात्रा का लगभग 21.19 प्रतिशत है। 25 उपार्जन केंद्र में 5 लाख 34 हजार 239.40 क्विंटल धान शेष है। हालांकि, कमर्जी, कोटाडोल, रापा, सिंघत, कंजिया, बहरासी और सिंगरौली उपार्जन केंद्र से उठाव की मात्रा शून्य है।


