गोरखपुर के जिला कारागार में बंद अपने भाई से मिलने जा रहे एक युवक का शनिवार को ब्लैक थार सवार युवकों ने अपहरण कर लिया। आरोप है कि युवक के साथ मारपीट कर उसका मोबाइल बंद करा दिया गया। इसके बाद आरोपी सिकरीगंज लिंक एक्सप्रेसवे पर उसे छोड़कर भाग गए। इस घटना के बाद एक्शन में आई शाहपुर पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं घटना में प्रयुक्त थार वाहन भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। शुरुआती जांच में वारदात की वजह 60 हजार रुपये के लेनदेन का पुराना विवाद सामने आया है। अब विस्तार से जानें पूरा मामला
खोराबार के भैंसहा बाढ़न निवासी अमन कुमार राव शनिवार को अपनी मां सीमा देवी के साथ दोपहर में जिला कारागार गोरखपुर गया था। अमन का भाई हर्ष कुमार हत्या के प्रयास के एक मामले में जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि जेल परिसर के आसपास ही खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद गांव निवासी निगम भारती अपने साथियों के साथ ब्लैक थार वाहन से वहां पहुंचा। आरोप है कि निगम भारती और उसके साथियों ने अमन को जबरन थार में बैठा लिया। जब अमन की मां ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इस दौरान आरोपी तेज रफ्तार में वाहन लेकर मौके से भाग निकले। पीड़ित का आरोप है कि रास्ते में उसका मोबाइल फोन बंद कर दिया गया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपियों ने अमन को सिकरीगंज लिंक एक्सप्रेसवे पर छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। किसी तरह अमन ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस सक्रिय हुई और जांच शुरू की। पैसे की लेनदेन में किया अपहरण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खोराबार थाना क्षेत्र के निगम भारती और श्याम सुंदर, रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के शैलेंद्र निषाद तथा बांसगांव थाना क्षेत्र के शुभम यादव को हिरासत में ले लिया है। घटना में प्रयुक्त ब्लैक थार वाहन भी पुलिस के कब्जे में है। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि पीड़ित अमन कुमार और मुख्य आरोपी निगम भारती के बीच पहले से 60 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। पैसे वापस न मिलने की रंजिश में ही अपहरण और मारपीट की वारदात को अंजाम दिया गया। इस संबंध में एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने कहा कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपियों को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। आगे साक्ष्य के आधार पर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।


