मौन से मिलता है मोक्ष का मार्ग, मौनी अमावस्या का शुभ संयोग रविवार को

मौन से मिलता है मोक्ष का मार्ग, मौनी अमावस्या का शुभ संयोग रविवार को

—तीर्थों पर आस्था की डुबकी के साथ ही मौन व्रत से होगा आत्मबल का संचार

जयपुर. विशेष योग संयोगों में माघी मौनी अमावस्या रविवार को रहेगी। देवकार्य, पितृकार्य के लिए दिनभर कई अनुष्ठान के साथ ही दान पुण्य का दौर जारी रहेगा। गलता, पुष्कर तीर्थ सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर भक्त आस्था की डुबकी लगाएंगे। अलसुबह से बड़ी संख्या में शहरवासियों की भीड़ नजर आएगी। मौन रहकर अनुष्ठान में लीन के साथ ही आत्मबल को भी मजबूत करेंगे। गोशाला में दान पुण्य के साथ अन्य कार्यक्रम होंगे। ज्योतिषाचार्य पं.दामोदर प्रसाद शर्मा के मुताबिक स्कंद, पद्म और विष्णुधर्मोत्तर पुराण के मुताबिक इस दिन किए गए पुण्य कर्म से कई यज्ञ और कठिन तपस्या करने जितना शुभ फल मिलता है। धनु राशि में चंद्रमा और मकर राशि में चार ग्रहों का मिलन माघ मास की तपस्या को खास बनाएगा।

इसलिए है खास मौनी अमावस्या
कृष्णमूर्ति ज्योर्तिविद पं.मोहनलाल शर्मा के मुताबिक मौनी अमवस्या का व्रत रखने वाले साधक जहां तक संभव हो मौन रहें। इस दिन माघ मेले में स्नान का कुंभ स्नान से भी अधिक पुण्य मिलता है। सूर्यदेव को अघ्र्य हर राशि के जातक दें। इसी दिन मनु ऋषि का जन्म हुआ था। यह अमावस्या महज एक तिथि नहीं बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का वह द्वार है जहां मौन रहकर आप स्वयं को ईश्वरीय शक्ति से जोड़ सकते हैं। सवा घंटे का मौन व्रत करने से 16 गुना अधिक फल प्राप्त होता है। जरूरतमंदों को धन, भोजन और वस्त्रों का दान करें। मौनी अमावस्या के व्रत में गो दान का भी विशेष महत्व है।

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मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर व्रत करने से व्यक्ति को भीतर के विकार नष्ट होने के साथ ही वाणी दोष दूर हो जाते हैं। इंद्रियों पर काबू करने की शक्ति मिलती है। मौन रहकर दान-स्नान करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और व्यक्ति के अंदर आध्यात्मिकता का विकास होता है। मौन रहकर पूजा, भजन और मंत्र जाप करने करने से बोलकर जाप करने से कई गुना अधिक पुण्य प्राप्त होता है। मौन सर्वार्थ साधनम अर्थात मौन से सभी काम साध सकते हैं।

—प्रतापनगर सेक्टर आठ में प्रवासरत उपाध्याय ऊर्जयंत सागर ने बताया
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पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ आज
गोविंद देवजी मंदिर में सुबह नौ बजे से पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर दिवंगत पितृगणों के निमित्त यम गायत्री महामंत्री के साथ विशेष आहुतियां प्रदान की जाएंगी। प्रयागराज के त्रिवेणी जल से श्रद्धालुओं पर अभीसिंचन किया जाएगा। प्रयागराज का त्रिवेणी जल पात्र नि:शुल्क भेंट किया जाएगा। बरकतनगर स्थित वेणु ज्ञानम योग साधना केन्द्र में आनंद कोठारी के नेतृत्व में सुबह 10.15 से सामूहिक महामृत्युंजय यज्ञ होगा।

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