हिमाचल प्रदेश के मंडी में सीटू (CITU) से संबंधित मनरेगा और भवन एवं अन्य सन्निर्माण मजदूर यूनियन की राज्य कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राज्य अध्यक्ष जोगिंदर कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में केंद्र सरकार की नीतियों और राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया गया। बैठक में सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंदर मेहरा, महासचिव प्रेम गौतम और उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने विशेष रूप से शिरकत की। नए कानून के विरोध में गांव-गांव अभियान यूनियन ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा कानून के स्थान पर लाए गए नए ‘जीरामजी’ कानून को मजदूर विरोधी करार दिया। इसके खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है: कल्याण बोर्ड के बजट के ‘दुरुपयोग’ का आरोप बैठक में राज्य श्रमिक कल्याण बोर्ड द्वारा वित्तीय सहायता रोके जाने पर गंभीर चर्चा हुई। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि: प्रवासी मजदूरों को एकजुट करने की रणनीति बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश में बीआरओ (BRO), नेशनल हाईवे और अन्य निर्माण कार्यों में लगे लाखों प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता के आधार पर यूनियन के साथ जोड़ा जाएगा। संगठन का विस्तार कर इन मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई तेज की जाएगी। राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए प्रतिनिधियों का चयन राजस्थान में 6, 7 और 8 फरवरी को होने वाले ‘निर्माण फेडरेशन’ के राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए हिमाचल प्रदेश से पांच प्रतिनिधियों का चयन किया गया है:


