भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सहरसा जिले के लिए अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, मौसम शुष्क रहेगा और आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। कृषि मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने बताया कि तापमान में धीरे-धीरे गिरावट से ठंड का असर बढ़ सकता है। पूर्वानुमान अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस पूर्वानुमान के मुताबिक, अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता लगभग 90 प्रतिशत और दोपहर बाद 45 प्रतिशत के आसपास रहेगी। सतही हवा की गति करीब 7 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो मुख्य रूप से पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा से चलेगी। वर्षा की कोई संभावना नहीं जताई गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि सुबह तड़के और देर शाम खेतों में काम करते समय गर्म कपड़े पहनें और सिर को ढंककर रखें। संभव हो तो धूप निकलने के बाद ही खेतों में कार्य करें। ठंड के कारण फसलों में पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ जाती है, ऐसे में सतर्कता बरतने की जरूरत है। पशुपालकों को पशु व पशुशाला की साफ-सफाई रखने, पशुओं को ताजा पानी पिलाने और धूप निकलने के बाद ही बाहर निकालने की सलाह दी गई है। नवजात बछड़ों को तुरंत खीस पिलाने और पशु चिकित्सक की सलाह से दवा देने पर भी जोर दिया गया है। गेहूं की फसल के लिए 18-21 दिन की अवस्था पर पहली सिंचाई करने और उपरिवेशन की स्थिति में 30 किलो नत्रजन प्रति हेक्टेयर देने की सलाह दी गई है। 30-35 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण के लिए सल्फोसल्फ्यूरान या मेटसल्फ्यूरान मिथाइल के प्रयोग की सिफारिश की गई है। मक्का में ठंड से बचाव के लिए सिंचाई, 35-40 दिन की अवस्था में खरपतवार नियंत्रण और नत्रजन का प्रयोग करने की सलाह है। सरसों में विरलीकरण के बाद सिंचाई और 20 किलो नत्रजन प्रति हेक्टेयर देने को कहा गया है। मटर में निराई-गुड़ाई पर जोर दिया गया है। आलू की फसल में मिट्टी चढ़ाने और अगेती झुलसा रोग की स्थिति में मैन्कोजेब के छिड़काव की सलाह दी गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सहरसा जिले के लिए अगले पांच दिनों का मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, मौसम शुष्क रहेगा और आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। कृषि मौसम वैज्ञानिक रामानंद पटेल ने बताया कि तापमान में धीरे-धीरे गिरावट से ठंड का असर बढ़ सकता है। पूर्वानुमान अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस पूर्वानुमान के मुताबिक, अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 9 से 11 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सुबह के समय सापेक्षिक आर्द्रता लगभग 90 प्रतिशत और दोपहर बाद 45 प्रतिशत के आसपास रहेगी। सतही हवा की गति करीब 7 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो मुख्य रूप से पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी दिशा से चलेगी। वर्षा की कोई संभावना नहीं जताई गई है। किसानों को सलाह दी गई है कि सुबह तड़के और देर शाम खेतों में काम करते समय गर्म कपड़े पहनें और सिर को ढंककर रखें। संभव हो तो धूप निकलने के बाद ही खेतों में कार्य करें। ठंड के कारण फसलों में पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ जाती है, ऐसे में सतर्कता बरतने की जरूरत है। पशुपालकों को पशु व पशुशाला की साफ-सफाई रखने, पशुओं को ताजा पानी पिलाने और धूप निकलने के बाद ही बाहर निकालने की सलाह दी गई है। नवजात बछड़ों को तुरंत खीस पिलाने और पशु चिकित्सक की सलाह से दवा देने पर भी जोर दिया गया है। गेहूं की फसल के लिए 18-21 दिन की अवस्था पर पहली सिंचाई करने और उपरिवेशन की स्थिति में 30 किलो नत्रजन प्रति हेक्टेयर देने की सलाह दी गई है। 30-35 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण के लिए सल्फोसल्फ्यूरान या मेटसल्फ्यूरान मिथाइल के प्रयोग की सिफारिश की गई है। मक्का में ठंड से बचाव के लिए सिंचाई, 35-40 दिन की अवस्था में खरपतवार नियंत्रण और नत्रजन का प्रयोग करने की सलाह है। सरसों में विरलीकरण के बाद सिंचाई और 20 किलो नत्रजन प्रति हेक्टेयर देने को कहा गया है। मटर में निराई-गुड़ाई पर जोर दिया गया है। आलू की फसल में मिट्टी चढ़ाने और अगेती झुलसा रोग की स्थिति में मैन्कोजेब के छिड़काव की सलाह दी गई है।


