धार की भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड हवन-पूजन की मांग को लेकर जैन समाज ने शनिवार प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन कलेक्टर के नाम एसडीएम राहुल गुप्ता को दिया गया। जैन समाज के सदस्य पैदल रैली के रूप में धार कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपते हुए जैन समाज के विजय मेहता ने बताया कि विश्व जानता है कि मां सरस्वती का प्रमुख मंदिर धार में स्थित है, जिसे महाराजा भोज ने अपने शासनकाल में विकसित किया था। भोज कालीन समय से ही यहां मां सरस्वती की निरंतर पूजा-अर्चना होती आ रही है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के अनुसार प्रतिवर्ष बसंत पंचमी के दिन अखंड पूजा की परंपरा रही है। इसी परंपरा को ध्यान में रखते हुए, सरकार द्वारा पुरातत्व विभाग के माध्यम से जारी आदेश के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की अखंड हवन-पूजा हिंदू समाज को निर्विघ्न रूप से करने की अनुमति दी गई है। इसी क्रम में जैन समाज ने 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन भोजशाला में सूर्योदय से सूर्यास्त तक अखंड हवन-पूजन शांतिपूर्ण ढंग से कराने की मांग की। ज्ञापन में प्रशासन से शांति, सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन समाज के पदाधिकारी और समाजजन उपस्थित रहे।


