उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान ने शनिवार को सुल्तानपुर का दौरा किया। उन्होंने जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर महिलाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में महिला सुरक्षा, उत्पीड़न के मामलों, शिकायतों के निस्तारण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं की शिकायतों का समयबद्ध और संवेदनशीलता से निपटारा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुरुष आयोग के गठन से जुड़े एक सवाल पर बबिता सिंह चौहान ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पुरुष पीड़ित नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में अधिकांश मामलों में महिलाएं ही प्रताड़ना का शिकार होती हैं। अध्यक्ष ने यह भी उल्लेख किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे महिला आयोग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। जिला मेडिकल कॉलेज में हाल ही में एक प्रसूता की मौत के मामले पर महिला आयोग अध्यक्ष ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि महिला की हालत पहले ही किसी अन्य अस्पताल में बिगड़ चुकी थी। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर उसकी डिलीवरी तो हो गई, लेकिन गंभीर स्थिति के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, कुछ दिन पहले कर्मराज कंप्यूटर इंस्टिट्यूट में ओ-लेवल परीक्षा को लेकर हुए छात्र-छात्राओं के धरना प्रदर्शन पर भी बबिता सिंह चौहान ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि महिला आयोग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। महिला आयोग अध्यक्ष के इस दौरे से जिले में महिला सुरक्षा और शिकायत निवारण को लेकर स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ा है।


