उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक चार वर्षीय मादा बाघिन की मौत हो गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाघिन की मौत खेत में लगी सोलर फेंसिंग (झटका मशीन) के करंट की चपेट में आने से हुई। यह घटना टाइगर रिजर्व के लिए एक बड़ी चुनौती मानी जा रही है। शुक्रवार शाम को बाघिन का शव बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफर परिक्षेत्र के पुटपुटा गांव के पास एक खेत में मिला था। बाघिन के दांत और पैर में तार फंसी हुई पाई गई। सूचना मिलने पर डॉग स्क्वाड की टीम ने क्षेत्र में सर्चिंग की। डॉग स्क्वाड की सर्चिंग के बाद डॉक्टरों की टीम ने बाघिन का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। टाइगर रिजर्व की टीम इस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बाघिन की मौत सोलर फेंसिंग के करंट लगने से हुई है और उसके शरीर पर तार भी मिला है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।


