कोटा यूनिवर्सिटी प्रशासन की नीतियों के खिलाफ छात्र नेता आशीष मीणा की अगुवाई में छात्रों ने यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम कुलगुरु को ज्ञापन दिया।
जल्द समस्याओं के समाधान की मांग की। छात्र नेता आशीष मीणा ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं की लापरवाह जांच पर लगाम लगे,सभी कॉपीयां समय पर,सही तरीके से जांची जाए कॉपियां प्राइवेट कॉलेजों के टीचर्स से चैक ना कराकर उनके स्थान पर राजकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर से चेक करवाई जाए। उत्तर पुस्तिकाओं की लापरवाह जांच पर लगाम लगे,सभी कॉपियाँ समय पर,सही तरीके से जांची जाए। रिजल्ट एक निश्चित समय-सीमा में वेबसाइट पर अपलोड हो,कम्पलसरी विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की उत्तर- कुंजी जारी की जाए। ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो। सेमेस्टर परीक्षा फीस में कटौती हो,प्राइवेट छात्रों से हो रही लूट तुरंत बंद की जाए। उनकी फीस नियमित छात्रों के बराबर की जाए। यूजी-पीजी,इयरली व सेमेस्टर क्लासों के सभी लंबित परिणाम तुरंत जारी किए जाएं। रीवैल्यूएशन में बड़ा घोटाला बंद हो। जिन विषयों में एक ही छात्र के 25–30 अंक बढ़ या 10–12 अंक घट रहे हैं। ऐसे परीक्षकों को ब्लैकलिस्ट किया जाए और स्वतंत्र जांच समिति बनाकर दोबारा जांच कराई जाए। स्नातक,स्नातकोत्तर सेमेस्टर व इयरली छात्रों की अंकतालिकाए,डिग्रियों को कॉलेजों में समय पर उपलब्ध कराई जाए।
पूर्वमूल्यांकन की मार्कशीटें डाक से नहीं,सीधे कॉलेज भेजी जाए। पेपर देने के बाद भी अनुपस्थित दिखाना,गलत अंक चढ़ाना,पास होने के बाद फैल बताना इन सभी गलतियों को तुरंत सुधार कर अपडेट रिजल्ट जारी किया जाए। स्नातक-स्नातकोत्तर प्राइवेट छात्रों के असाइनमेंट जमा कराकर नियमानुसार पूरे अंक दिए जाए। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन करेंगे।


