Garlic For Fatty Liver: फैटी लिवर के लिए वरदान है लहसुन, जानिए इस्तेमाल करने का सही वैज्ञानिक तरीका

Garlic For Fatty Liver: फैटी लिवर के लिए वरदान है लहसुन, जानिए इस्तेमाल करने का सही वैज्ञानिक तरीका

Garlic For Fatty Liver: आजकल की भागदौड़ वाली जिंदगी, बाहर का तला-भुना खाना और एक्सरसाइज की कमी ने हममें से कई लोगों को ‘फैटी लिवर'(NAFLD) का मरीज बना दिया है। जब डॉक्टर कहते हैं कि लिवर पर चर्बी जम गई है, तो अक्सर लोग डर जाते हैं। लेकिन दुनिया की फेमस साइंस वेबसाइट साइंस डायरेक्ट (ScienceDirect) में छपी एक नई रिपोर्ट ने एक बहुत ही आसान समाधान बताया है, वो है लहसुन (Garlic)। वही लहसुन जो आपके किचन में तड़के के काम आता है, अब साइंस ने भी मान लिया है कि वह लिवर की बीमारी में किसी दवा से कम नहीं है।

लहसुन में ऐसा क्या है खास?

​वैज्ञानिकों ने पाया है कि लहसुन में ‘एलिसिन'(Allicin) नाम का एक एलिमेंट होता है। ये एलिमेंट शरीर के अंदर जाकर लिवर की सूजन से लड़ता है और वहां जमी एक्स्ट्रा चर्बी को पिघलाने में मदद कर सकता है।

​रिसर्च में सामने आई ये बड़ी बातें

  • ​लिवर की अंदरूनी सफाई- जब हमारा लिवर कमजोर होता है, तो टेस्ट रिपोर्ट में ALT और AST जैसे लेवल बढ़ जाते हैं। रिसर्च कहती है कि लहसुन खाने से ये लेवल वापस नॉर्मल होने लगते हैं, जिसका मतलब है कि लिवर खुद को ठीक कर रहा है।
  • ​गंदगी की सफाई (Cholesterol Control)- फैटी लिवर होने पर अक्सर शरीर में गंदा कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। लहसुन इस गंदगी को खून से साफ करने में मदद कर सकता है।
  • ​चर्बी पर सीधा अटैक- स्टडी में देखा गया कि जिन लोगों ने लहसुन का सेवन किया, उनके लिवर में जमी चर्बी की परत उन लोगों के मुकाबले काफी कम हो गई जिन्होंने इसे नहीं खाया था।

इसको ​इस्तेमाल करने का तरीका

  • रिसर्च में लहसुन के पाउडर का बताया गया है, लेकिन हमारे घरों में मिलने वाला कच्चा लहसुन भी बहुत फायदेमंद है।
  • ​रोज सुबह खाली पेट लहसुन की 1 या 2 कलियां चबाकर या पानी के साथ निगलकर लें।
  • ​अगर कच्चा लहसुन कड़वा लगें, तो उसे हल्का सा भून लें या शहद के साथ खाएं।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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