लखनऊ में 18 जनवरी से 23 जनवरी तक अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों का 86वां सम्मेलन (AIPOC) और विधायी निकायों के सचिवों का 62वां सम्मेलन आयोजित हो रहा है। ये आयोजन विधान भवन में होगा। इसको लेकर प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर है। इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति, यूपी विधान परिषद के सभापति, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा राज्यसभा के महासचिव समेत देशभर से पीठासीन अधिकारी और सचिव हिस्सा लेंगे। कई अतिथि अपने परिवार सहित भी आ रहे है। 18 जनवरी से शुरू होगा आगमन 18 जनवरी से शुरू होने वाला ये सम्मेलन 21 जनवरी तक चलेगा। सम्मलेन में आने वाले अतिथि 22 जनवरी को धार्मिक स्थलों में दर्शन के लिए जाएंगे। अतिथियों को शहर के होटलों और गेस्ट हाउसों में ठहराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था के लिए प्लान तैयार सम्मेलन को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने विशेष सुरक्षा प्लान लागू किया है। विधान भवन, होटल, कार्यक्रम स्थल और सभी रूट पर कड़ी सुरक्षा की जाएगी। बम निरोधक दस्ता (BDDS), डॉग स्क्वॉड और एंटी-सबोटाज चेकिंग सहित 24 घंटे CCTV से निगरानी की जाएगी। इसके लिए अलग से कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। साथ ही 1683 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसमें एक पांच एडीसीपी, 13 एसीपी 56 इंस्पेक्टर, 460 सब-इंस्पेक्टर, 36 महिला एसआई, 817 सिपाही, 143 महिला सिपाही, 153 होमगार्ड 5 कंपनी PAC, ATS टीम, एंटी माइन टीम, फायर सर्विस और LIU की टीमें शामिल हैं। ट्रैफिक प्लान भी रहेगा लागू सम्मेलन के दौरान रूट डायवर्जन लागू किए जाएंगे। आम जनता के लिए अलग से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए पहले ही मॉक ड्रिल और रूट रिहर्सल कराई जा चुकी है।


