हरदा में आयोजित राज्य स्तरीय समावेशी क्रिकेट कप का खिताब गर्ल्स ऑन फायर हंडिया ने जीत लिया है। शुक्रवार रात शहर के नेहरू स्टेडियम में हुए फाइनल मुकाबले में हंडिया की टीम ने गुना टाइटन्स को 24 रनों से हराया। फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए गर्ल्स ऑन फायर हंडिया ने निर्धारित 6 ओवर में 70 रन बनाए। जवाब में, गुना टाइटन्स की टीम 6 ओवर में 9 विकेट खोकर केवल 46 रन ही बना सकी। इस तरह हंडिया ने 24 रनों से जीत दर्ज की। इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेश के 8 जिलों की टीमों ने हिस्सा लिया था। लीग मैचों के बाद 16 टीमों का चयन हुआ, जिसके बाद सुपर 16 और फिर क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले गए। सेमीफाइनल में हंडिया और निमाचा के साथ-साथ गुना और गाड़ामोड़ की टीमें पहुंची थीं। जीत के बाद गर्ल्स ऑन फायर हंडिया की कप्तान कीर्ति निकुम भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि आज की जीत की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। हम पांच सालों से ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को खेलने के लिए तैयार कर रहे थे। आज हमारी टीम के खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाई है। वहीं, उपविजेता गुना टाइटन्स की कप्तान नंदिनी रघुवंशी ने कहा-खेल में हार-जीत तो चलती है, लेकिन हमारी टीम यहां तक पहुंची यह बड़ी बात है। हम अगले साल पूरी कोशिश करेंगे कि हम फर्स्ट आएं। मैच के समापन पर पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इन मुकाबलों के बाद अब शीर्ष टीमें फाइनल मुकाबले में आमने-सामने होई समावेशी कप की सबसे खास बात यह है कि इसमें लड़कियाँ कप्तान की भूमिका निभाती हैं और लड़के उप-कप्तान होते हैं, जिससे मैदान पर ही नहीं बल्कि समाज में भी समानता और सम्मान का संदेश जाता है।राज्यभर से आए अधिकतर खिलाड़ी ग्रामीण और अर्ध-शहरी पृष्ठभूमि से हैं, जहाँ लड़कियों को खेल के अवसर कम मिलते हैं। समावेशी कप ने उन्हें मंच, नेतृत्व और आत्मविश्वास दिया है।
यह सिर्फ क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का अभियान है, जहाँ हर रन बराबरी की ओर एक कदम है।


