नालंदा पुलिस जल्द ड्रोन तकनीक से लैस होगी:भीड़ प्रबंधन, निगरानी और अपराध नियंत्रण पर फोकस; ANPR सिस्टम से बढ़ेगी निगरानी क्षमता

नालंदा पुलिस जल्द ड्रोन तकनीक से लैस होगी:भीड़ प्रबंधन, निगरानी और अपराध नियंत्रण पर फोकस; ANPR सिस्टम से बढ़ेगी निगरानी क्षमता

आधुनिक तकनीक के सहारे अपराध नियंत्रण की दिशा में बिहार पुलिस एक और कदम आगे बढ़ाने जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों की तरह नालंदा की पुलिस को भी जल्द ही अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक से लैस किया जाएगा। एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले को एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस आधुनिकीकरण की इस मुहिम में एसएटीएफ (स्पेशल ऑग्जिलियरी टास्क फोर्स) को विशेष तौर पर 10 उच्च गुणवत्ता वाले ड्रोन दिए जाने की योजना है। ये ड्रोन 45 मीटर की ऊंचाई तक हवा में उड़ान भरने में सक्षम होंगे। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भीड़ प्रबंधन, निगरानी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किया जाएगा। अपराधियों की गिरफ्तारी में मिलेगी मदद ड्रोन तकनीक से पुलिस की कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। इनकी मदद से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, संवेदनशील इलाकों की निगरानी, बड़े जनसमूह पर नजर रखना और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। विशेषकर ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में, जहां पैदल गश्त मुश्किल होती है, वहां ड्रोन काफी कारगर साबित होंगे। ANPR सिस्टम से बढ़ेगी निगरानी क्षमता इन ड्रोनों में एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस तकनीक के जरिए सड़कों पर चल रहे वाहनों के नंबर प्लेट की पहचान स्वचालित रूप से हो सकेगी। इससे चोरी के वाहनों, संदिग्ध गाड़ियों और अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी। थानों में भी बढ़ेगी निगरानी व्यवस्था ड्रोन तकनीक के अलावा, जिले के सभी थानों में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और डैशबोर्ड स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इससे थानों की गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग हो सकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। जनता को मिलेगी बेहतर सुरक्षा पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन आधुनिक उपकरणों से लैस होने के बाद नालंदा पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अपराध की रोकथाम, तेज जांच और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुरक्षा का एहसास होगा। यह कदम बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आधुनिक तकनीक के सहारे अपराध नियंत्रण की दिशा में बिहार पुलिस एक और कदम आगे बढ़ाने जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों की तरह नालंदा की पुलिस को भी जल्द ही अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक से लैस किया जाएगा। एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने बताया कि राज्य के प्रत्येक जिले को एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस आधुनिकीकरण की इस मुहिम में एसएटीएफ (स्पेशल ऑग्जिलियरी टास्क फोर्स) को विशेष तौर पर 10 उच्च गुणवत्ता वाले ड्रोन दिए जाने की योजना है। ये ड्रोन 45 मीटर की ऊंचाई तक हवा में उड़ान भरने में सक्षम होंगे। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से भीड़ प्रबंधन, निगरानी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किया जाएगा। अपराधियों की गिरफ्तारी में मिलेगी मदद ड्रोन तकनीक से पुलिस की कार्यप्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। इनकी मदद से फरार अपराधियों की गिरफ्तारी, संवेदनशील इलाकों की निगरानी, बड़े जनसमूह पर नजर रखना और आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। विशेषकर ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में, जहां पैदल गश्त मुश्किल होती है, वहां ड्रोन काफी कारगर साबित होंगे। ANPR सिस्टम से बढ़ेगी निगरानी क्षमता इन ड्रोनों में एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस तकनीक के जरिए सड़कों पर चल रहे वाहनों के नंबर प्लेट की पहचान स्वचालित रूप से हो सकेगी। इससे चोरी के वाहनों, संदिग्ध गाड़ियों और अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी। थानों में भी बढ़ेगी निगरानी व्यवस्था ड्रोन तकनीक के अलावा, जिले के सभी थानों में सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और डैशबोर्ड स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। इससे थानों की गतिविधियों की बेहतर मॉनिटरिंग हो सकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। जनता को मिलेगी बेहतर सुरक्षा पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन आधुनिक उपकरणों से लैस होने के बाद नालंदा पुलिस की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। अपराध की रोकथाम, तेज जांच और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सुरक्षा का एहसास होगा। यह कदम बिहार पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।  

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