सहरसा में सफाईकर्मियों को 5 तारीख तक मिलेगा वेतन:266 कर्मियों का दर्जा बढ़ा, बकाया EPF-एरियर 31 मार्च तक होगा क्लियर

सहरसा में सफाईकर्मियों को 5 तारीख तक मिलेगा वेतन:266 कर्मियों का दर्जा बढ़ा, बकाया EPF-एरियर 31 मार्च तक होगा क्लियर

सहरसा नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सशक्त स्थायी समिति की बैठक में वेतन विसंगति दूर करने और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कई फैसले लिए गए, जिनमें बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करना भी शामिल है। निगम ने पूर्व से कार्यरत 266 कर्मियों को बिहार गजट के अनुसार ‘अकुशल’, ‘कुशल’ और ‘अतिकुशल’ श्रेणियों में वर्गीकृत कर भुगतान करने का निर्णय लिया है। इससे उनके मानदेय में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, आउटसोर्सिंग एजेंसी में पांच साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों को ‘अकुशल’ श्रेणी का लाभ दिया जाएगा, जिसके लिए अक्टूबर 2023 के भुगतान को आधार वर्ष माना गया है। बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी होगी दर्ज वेतन भुगतान और उपस्थिति में अनियमितताओं को रोकने के लिए निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। अब सभी कर्मियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज होगी। साथ ही, सभी कर्मियों के भारतीय स्टेट बैंक में खाते खुलवाए जा रहे हैं और हर महीने की 5 तारीख तक वेतन उनके खातों में भेज दिया जाएगा। सशक्त समिति ने निर्देश दिया है कि जिन कर्मियों का ईपीएफ और ईएसआई कटौती के बाद भी जमा नहीं हुआ है, उसे 31 मार्च तक हर हाल में जमा कराया जाए। यदि कोई एजेंसी इसमें दोषी पाई जाती है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कर्मियों के सभी पुराने बकाया भुगतान भी 31 मार्च तक क्लियर करने का आदेश दिया गया है। 3 महीने पर सफाई सामग्री कराया जाएगा उपलब्ध सफाई कर्मियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए निगम ने प्रत्येक तीन महीने पर सफाई सामग्री, जैसे झाड़ू, साबुन, ग्लव्स, मास्क और जूते उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मौजूदा माह के लिए यह सामग्री 31 जनवरी 2026 तक वितरित करने का निर्देश दिया गया है। इन फैसलों को सख्ती से लागू करने के लिए उप नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें सहायक अभियंता और नगर प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह समिति 15 फरवरी 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर 1 अप्रैल 2026 से यह नई व्यवस्था शहर में प्रभावी हो जाएगी। सहरसा नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था और सफाई कर्मियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सशक्त स्थायी समिति की बैठक में वेतन विसंगति दूर करने और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कई फैसले लिए गए, जिनमें बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य करना भी शामिल है। निगम ने पूर्व से कार्यरत 266 कर्मियों को बिहार गजट के अनुसार ‘अकुशल’, ‘कुशल’ और ‘अतिकुशल’ श्रेणियों में वर्गीकृत कर भुगतान करने का निर्णय लिया है। इससे उनके मानदेय में वृद्धि होगी। इसके अतिरिक्त, आउटसोर्सिंग एजेंसी में पांच साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मियों को ‘अकुशल’ श्रेणी का लाभ दिया जाएगा, जिसके लिए अक्टूबर 2023 के भुगतान को आधार वर्ष माना गया है। बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी होगी दर्ज वेतन भुगतान और उपस्थिति में अनियमितताओं को रोकने के लिए निगम ने सख्त कदम उठाए हैं। अब सभी कर्मियों की हाजिरी बायोमेट्रिक मशीन से दर्ज होगी। साथ ही, सभी कर्मियों के भारतीय स्टेट बैंक में खाते खुलवाए जा रहे हैं और हर महीने की 5 तारीख तक वेतन उनके खातों में भेज दिया जाएगा। सशक्त समिति ने निर्देश दिया है कि जिन कर्मियों का ईपीएफ और ईएसआई कटौती के बाद भी जमा नहीं हुआ है, उसे 31 मार्च तक हर हाल में जमा कराया जाए। यदि कोई एजेंसी इसमें दोषी पाई जाती है, तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कर्मियों के सभी पुराने बकाया भुगतान भी 31 मार्च तक क्लियर करने का आदेश दिया गया है। 3 महीने पर सफाई सामग्री कराया जाएगा उपलब्ध सफाई कर्मियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए निगम ने प्रत्येक तीन महीने पर सफाई सामग्री, जैसे झाड़ू, साबुन, ग्लव्स, मास्क और जूते उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मौजूदा माह के लिए यह सामग्री 31 जनवरी 2026 तक वितरित करने का निर्देश दिया गया है। इन फैसलों को सख्ती से लागू करने के लिए उप नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें सहायक अभियंता और नगर प्रबंधक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। यह समिति 15 फरवरी 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर 1 अप्रैल 2026 से यह नई व्यवस्था शहर में प्रभावी हो जाएगी।  

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