बेगूसराय जिले में एक हजार रुपए के विवाद में एक शख्स की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पहचान राम प्रवेश यादव(50) के तौर हुई है। शनिवार देर रात शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना गढ़पुरा थाना क्षेत्र के मणिकपुर गांव की है। मृतक के बड़े भाई पवन कुमार ने बताया कि राम प्रवेश यादव के छोटे बेटे सुबोध कुमार ने गांव के ही मदन मोहन यादव से एक हजार रुपए उधार लिया था। इसी को लेकर विवाद था। 12जनवरी की सुबह मेरा भाई मवेशियों को देखने मध्य विद्यालयमनिकपुर के पास स्थित डेरा जा रहे थे। इस दौरान मदन मोहन और उसकी मां अनिता देवी ने उन्हें रोक लिया। भाई ने घर से पैसा लाकर देने की बात कही। इसके बाद भी आरोपियों ने जाने नहीं दिया। गाली-गलौज शुरू कर दी। बेटे को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान दोनों पक्ष में बहस हो गई। विवाद मारपीट तक पहुंच गया। सिर पर मारा था, लगातार हालत बिगड़ रही थी भाई ने आगे कहा कि मदन मोहन ने लाठी से राम प्रवेश के सिर पर जोरदार प्रहार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गए। हल्ला सुनकर भाई को बचाने आए छोटे भाई राम दर्शन यादव पर भी आरोपियों ने हमला किया, जिससे उनके कान के ऊपरी हिस्से में गंभीर चोटें आईं। जानकारी मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी घटना को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। घायल राम प्रवेश को तुरंत अस्पताल लेकर गए, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, हमले के बाद से ही उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी और स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इलाज के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। रुपए को लेकर हुआ था विवाद वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि सुबोध कुमार ने मदन मोहन से 1000 रुपए लिया था। कुछ दिन पहले लौटा दिया था। लेकिन 10 रुपए के हिसाब से ब्याज मांग रहा था, इसी को लेकर बहस शुरू हुई। बेगूसराय जिले में एक हजार रुपए के विवाद में एक शख्स की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। मृतक की पहचान राम प्रवेश यादव(50) के तौर हुई है। शनिवार देर रात शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना गढ़पुरा थाना क्षेत्र के मणिकपुर गांव की है। मृतक के बड़े भाई पवन कुमार ने बताया कि राम प्रवेश यादव के छोटे बेटे सुबोध कुमार ने गांव के ही मदन मोहन यादव से एक हजार रुपए उधार लिया था। इसी को लेकर विवाद था। 12जनवरी की सुबह मेरा भाई मवेशियों को देखने मध्य विद्यालयमनिकपुर के पास स्थित डेरा जा रहे थे। इस दौरान मदन मोहन और उसकी मां अनिता देवी ने उन्हें रोक लिया। भाई ने घर से पैसा लाकर देने की बात कही। इसके बाद भी आरोपियों ने जाने नहीं दिया। गाली-गलौज शुरू कर दी। बेटे को मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान दोनों पक्ष में बहस हो गई। विवाद मारपीट तक पहुंच गया। सिर पर मारा था, लगातार हालत बिगड़ रही थी भाई ने आगे कहा कि मदन मोहन ने लाठी से राम प्रवेश के सिर पर जोरदार प्रहार किया, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर गए। हल्ला सुनकर भाई को बचाने आए छोटे भाई राम दर्शन यादव पर भी आरोपियों ने हमला किया, जिससे उनके कान के ऊपरी हिस्से में गंभीर चोटें आईं। जानकारी मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी घटना को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। घायल राम प्रवेश को तुरंत अस्पताल लेकर गए, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों के मुताबिक, हमले के बाद से ही उनकी स्थिति काफी नाजुक बनी हुई थी और स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हो रहा था। इलाज के दौरान शुक्रवार को दम तोड़ दिया। रुपए को लेकर हुआ था विवाद वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि सुबोध कुमार ने मदन मोहन से 1000 रुपए लिया था। कुछ दिन पहले लौटा दिया था। लेकिन 10 रुपए के हिसाब से ब्याज मांग रहा था, इसी को लेकर बहस शुरू हुई।


