लखनऊ में शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा पर करोड़ों रुपए के फ्रॉड का आरोप लगा है। इसको लेकर खाताघरक ने पारा थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। एफआईआर में बैंक मित्र शिवा राव और 2020 से तैनात अज्ञात अधिकारियों-कर्मचारियों पर पैसे हड़पने, फर्जी एफडी बनाने और सबूत मिटाने के लिए बैंक में आग लगवाने तक के गंभीर आरोप लगे हैं। फर्जी वाउचर से निकाले लाखों ग्राम सलेमपुर पतौरा निवासी राम सिंह यादव ने पुलिस को बताया कि उनके खाते से बैंक मित्र और कर्मचारियों ने फर्जी बिल-वाउचर बनाकर करीब 8.60 लाख रुपए निकाल लिए। इसके अलावा 10 लाख रुपए की एफडी थमा दी गई, जबकि इतनी ही रकम किसी अन्य व्यक्ति के नाम से जमा कर बाद में निकाल ली गई। SMS नहीं भेजे, ताकि भनक न लगे पीड़ितों का आरोप है कि बैंक स्टाफ जानबूझकर जमा-निकासी के मैसेज नहीं भेजता था। जिससे खाताधारकों को अपने खातों की स्थिति का पता न चल सके। छात्रों और गरीब खाताधारकों को खासतौर पर निशाना बनाया गया। साक्ष्य मिटाने के लिए बैंक में आग? शिकायत में यह भी कहा गया है कि जब फ्रॉड उजागर होने लगा तो आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए शाखा में जानबूझकर आग लगवाई, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ और अहम दस्तावेज नष्ट हो गए। 25 से ज्यादा खाताधारक पीड़ित अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 25 से अधिक खाताधारकों के खातों से अलग-अलग रकम निकाली गई। किसी से 8 हजार तो किसी से 13 लाख रुपए तक हड़प लिए गए। कुल रकम करोड़ों रुपए बताई जा रही है। FIR दर्ज, जांच शुरू थाना पारा पुलिस ने बैंक मित्र शिवा राव समेत अज्ञात अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, साक्ष्य नष्ट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।


